Odisha Desk, बरगढ़ (ओडिशा): ओडिशा के बरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) परिसर स्थित ‘निरामय’ मुफ्त दवा केंद्र से एक बेहद गंभीर और लापरवाही भरा मामला सामने आया है। यहाँ एक नाबालिग मरीज को न केवल डॉक्टर की पर्ची से अलग दवा दी गई, बल्कि वह दवा मई महीने में ही एक्सपायर (समाप्त) हो चुकी थी। इस जहरीली दवा का सेवन करने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ गई।

क्या है पूरा मामला?

बरगढ़ शहर के वार्ड नंबर 1 निवासी चोबन साहू का 15 वर्षीय बेटा मुकेश उंगली कट जाने के इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आया था। डॉक्टर की सलाह के बाद परिजन अस्पताल के अंदर स्थित ‘निरामय’ केंद्र से दवा लेने गए।

आरोप है कि निरामय केंद्र के कर्मचारी ने डॉक्टर द्वारा पर्ची पर लिखी गई दवा के बजाय कोई दूसरी दवा थमा दी और दी गई दवा 5 मई को ही अपनी समय-सीमा पार कर चुकी थी।

घर पहुँचकर जब मुकेश ने उस दवा का सेवन किया, तो कुछ ही देर में उसे तेज चक्कर आने लगे और उल्टी होने लगी। बच्चे की हालत बिगड़ते देख परिजनों ने जब दवा के पैकेट की जाँच की, तो एक्सपायरी डेट देखकर उनके होश उड़ गए।

इस घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में स्वास्थ्य विभाग की इस घोर लापरवाही को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की जिंदगी के साथ इस तरह खिलवाड़ करना बेहद खौफनाक है। घटना के उजागर होने के बाद मामले की जाँच और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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