मुजफ्फरनगर/शामली. रूस में पढ़ाई और नौकरी के लिए गए उत्तर प्रदेश के चार युवकों से अचानक परिवार का संपर्क टूट गया है. परिजनों का दावा है कि तीन युवकों के पासपोर्ट कथित तौर पर कब्जे में लेकर उन्हें जबरन रूसी सेना में भेजे जाने की आशंका है. वहीं, चौथे युवक यश कुमार के परिवार ने आरोप लगाया है कि नौकरी के नाम पर उसे रूस बुलाकर फंसाया गया और अब युद्ध क्षेत्र में भेजे जाने का खतरा है.

इसे भी पढ़ें- लोहिया ट्रस्ट की कमान अखिलेश को मिलते ही राजभर का तंज, बोले- शिवपाल पर भरोसा, अखिलेश पर नहीं

स्टडी वीजा पर गया शक्ति, आखिरी कॉल में रो रहा था

मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र के पीपलशाह गांव निवासी शक्ति पुंडीर 17 अगस्त 2025 को इंटर की पढ़ाई के बाद स्टडी वीजा पर रूस गया था. परिवार के अनुसार, वह वहां रूसी भाषा की पढ़ाई कर रहा था. 30 जुलाई को उसकी आखिरी बार फोन पर बात हुई. परिजनों का दावा है कि वह उस समय रो रहा था और उसने पासपोर्ट रूसी अधिकारियों के पास होने की बात कही थी. इसके बाद उसका संपर्क नहीं हो सका.

तीन युवकों से एक ही दिन टूटा संपर्क

शक्ति के अलावा मुजफ्फरनगर के बाढ़ गांव निवासी हिमांशु शर्मा और शामली के हसनपुर लुहारी निवासी आशु कुमार भी रूस में पढ़ाई कर रहे थे. परिवारों के मुताबिक, तीनों से 30 जुलाई के बाद संपर्क टूट गया और उनके फोन बंद हैं. परिजनों को आशंका है कि उनकी इच्छा के खिलाफ उन्हें रूसी सेना में भेजा गया हो सकता है. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

टेलीग्राम से नौकरी का ऑफर, रूस पहुंचकर फंसा यश

मुजफ्फरनगर के बड़सू गांव निवासी 26 वर्षीय यश कुमार को टेलीग्राम के जरिए नौकरी का ऑफर मिला था. परिवार का आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद उसका पासपोर्ट कब्जे में ले लिया गया और उस पर नशीले पदार्थों की डिलीवरी का दबाव बनाया गया. विरोध करने पर धमकी दी गई. परिजनों के मुताबिक, वह कई महीनों से रूस के एक पूछताछ केंद्र या जेल में बंद है और अब उसे सेना में भेजे जाने की आशंका है.

इसे भी पढ़ें- मोबाइल की लत से बिगड़ा बच्चे का व्यवहार, बहन को किया न्यूड, स्कूल ने काटा नाम

दूतावास से PMO तक मदद की गुहार

चारों युवकों के परिवारों ने भारतीय दूतावास, विदेश मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय से मदद मांगी है. स्थानीय स्तर पर भी जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की अपील की गई है. मामले के सामने आने के बाद मुजफ्फरनगर प्रशासन सक्रिय हुआ. नायब तहसीलदार रिजवान इसाक पुलिस और राजस्व टीम के साथ पीपलशाह पहुंचे और शक्ति के परिवार से जानकारी जुटाई. अधिकारियों ने बताया कि उपलब्ध विवरण शासन स्तर पर भेजा जाएगा.