लखनऊ. समाजवादी पार्टी में लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी अखिलेश यादव को मिलने के बाद यूपी की सियासत में बयानबाजी तेज हो गई है. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें शिवपाल यादव पर भरोसा है, लेकिन अखिलेश यादव पर भरोसा नहीं है.
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लोहिया ट्रस्ट की कमान अब अखिलेश के पास
दरअसल, सपा प्रमुख अखिलेश यादव अब लोहिया ट्रस्ट के अध्यक्ष होंगे. अभी तक इस ट्रस्ट की जिम्मेदारी शिवपाल सिंह यादव के पास थी. अखिलेश के इस अहम पद पर आने के बाद ओमप्रकाश राजभर ने शिवपाल और अखिलेश के राजनीतिक रिश्तों को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
शिवपाल के पुराने फैसलों का जिक्र
राजभर ने कहा कि उन्हें शिवपाल यादव पर भरोसा है. उन्होंने शिवपाल के उस दौर का जिक्र किया, जब उन्होंने अखिलेश यादव से अलग होकर अपनी राजनीतिक राह बनाई थी. राजभर के मुताबिक शिवपाल पहले बीजेपी के साथ गए और बाद में उन्होंने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का गठन किया था.
‘अखिलेश शिवपाल पर कैसे भरोसा करेंगे?’
ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया कि शिवपाल यादव ने उस समय अखिलेश के नेतृत्व वाली पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए थे. उन्होंने कहा कि शिवपाल ने इसे चोरों, शराब माफियाओं और गरीबों की जमीन हड़पने वालों की पार्टी तक बताया था. राजभर ने इसी आधार पर सवाल उठाया कि ऐसे में अखिलेश यादव शिवपाल यादव पर कैसे भरोसा करेंगे.
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2027 से पहले बढ़ सकती है सियासी हलचल
राजभर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं. लोहिया ट्रस्ट की जिम्मेदारी अखिलेश यादव के पास आने के बाद सपा के भीतर शिवपाल की भूमिका को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं शुरू हो सकती हैं. हालांकि, राजभर ने अपने बयान में शिवपाल के प्रति भरोसा जताते हुए अखिलेश पर सवाल उठाए हैं. उनके बयान को यूपी की मौजूदा सियासी उठापटक से जोड़कर देखा जा रहा है.



