लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने लखनऊ में विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता माता प्रसाद पांडे से उनके आवास पर मुलाकात की. संजय निषाद ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए इसे औपचारिक मुलाकात बताया है. हालांकि, इस मुलाकात की टाइमिंग को लेकर यूपी के सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं.
इसे भी पढ़ें- यूपी कांग्रेस ने बदली मीडिया टीम, इन लोगों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
गोंडा कांड के बाद बढ़ी थी नाराजगी की चर्चा
संजय निषाद हाल ही में गोंडा में व्यापारी विनोद कुमार साहनी की हत्या के विरोध में धरने पर बैठे थे. उन्होंने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए आरोपियों के एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग की थी. उनके इस रुख के बाद बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए से उनकी नाराजगी को लेकर चर्चाएं शुरू हुई थीं.
निषाद आरक्षण को लेकर लगातार मुखर
संजय निषाद लंबे समय से निषाद समाज को अनुसूचित जाति में शामिल करने और 9 फीसदी आरक्षण की मांग उठा रहे हैं. इस मुद्दे को लेकर वह कई मौकों पर सरकार और बीजेपी नेतृत्व के सामने अपनी बात रखते रहे हैं. उनके कुछ हालिया बयानों को भी राजनीतिक रूप से इसी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है.
‘दूसरे दरवाजे खुले’ वाले बयान से अटकलें
संजय निषाद कई मौकों पर संकेत दे चुके हैं कि अगर उनकी पार्टी और समाज को उचित सम्मान नहीं मिला तो उनके लिए दूसरे विकल्प खुले हैं. हालांकि, उन्होंने माता प्रसाद पांडे से हुई मुलाकात को औपचारिक बताया है. इसके बावजूद विधानसभा चुनाव से पहले सपा के वरिष्ठ नेता से उनकी मुलाकात ने राजनीतिक अटकलों को हवा दे दी है.
इसे भी पढ़ें- यूपी में बारिश-बाढ़ का कहर! 72 जिलों में अलर्ट, 26 में बाढ़; 4 लाख लोग प्रभावित
क्या बदल सकता है यूपी का सियासी समीकरण?
माता प्रसाद पांडे और संजय निषाद की मुलाकात ऐसे समय हुई है जब प्रदेश में चुनावी तैयारियां तेज हो रही हैं. निषाद समुदाय का पूर्वांचल समेत कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रभाव माना जाता है. ऐसे में संजय निषाद की सपा नेता से मुलाकात को लेकर सियासी मायने निकाले जा रहे हैं. फिलहाल संजय निषाद की ओर से एनडीए छोड़ने या किसी नए राजनीतिक गठबंधन को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है.



