भिवानी: नेपाल में आई भीषण बाढ़ और आपदा के बीच हरियाणा के भिवानी की रहने वाली डॉ. प्रियंका चौधरी के लापता होने से परिवार की चिंता बढ़ गई है। प्रियंका फिनलैंड से करीब 70 डॉक्टरों की टीम के साथ नेपाल घूमने गई थीं। परिवार के मुताबिक, 25 अगस्त की रात करीब 10 बजे वीडियो कॉल पर उनसे आखिरी बार बातचीत हुई थी। इसके करीब एक घंटे बाद उनका मोबाइल फोन बंद हो गया, जो अब तक दोबारा संपर्क में नहीं आया है।

परिजनों के अनुसार, प्रियंका की 26 अगस्त को वापसी की टिकट थी। परिवार को उम्मीद थी कि नेपाल यात्रा पूरी करने के बाद वह भारत लौटकर रक्षाबंधन पर घर आएंगी। लेकिन नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़ और तबाही की खबरों ने परिवार की चिंता को गहरा कर दिया।

आखिरी बातचीत में बताया था- नेपाल-चीन बॉर्डर पर होटल में ठहरी हूं

प्रियंका के पिता रमेश ओला के मुताबिक, 25 अगस्त की रात करीब 10 बजे परिवार की उनसे वीडियो कॉल पर बातचीत हुई थी। प्रियंका ने बताया था कि वह अपनी टीम के साथ नेपाल-चीन सीमा के पास एक होटल में ठहरी हुई हैं। उन्होंने परिवार को बताया कि टूर शानदार चल रहा है और 26 अगस्त को भारत लौटने के बाद रक्षाबंधन पर घर आने की योजना है।

बातचीत खत्म होने के करीब एक घंटे बाद परिवार ने दोबारा फोन किया, लेकिन मोबाइल आउट ऑफ रेंज आने लगा। शुरुआत में परिजनों ने इसे सामान्य नेटवर्क या बैटरी की समस्या माना, लेकिन लगातार कोशिश के बावजूद फोन संपर्क में नहीं आया। इसी बीच नेपाल में बाढ़ और तबाही की खबरें सामने आने लगीं, जिसके बाद परिवार की चिंता बढ़ती चली गई।

जिस इलाके में ठहरी थी टीम, वहां कई होटल तबाह होने की जानकारी

परिवार ने नेपाल के अधिकारियों से संपर्क कर प्रियंका के बारे में जानकारी लेने का प्रयास किया। परिजनों का कहना है कि उन्हें पता चला कि जिस इलाके में प्रियंका के ठहरने की जानकारी मिली थी, वहां बाढ़ से भारी तबाही हुई है और कई होटल भी प्रभावित हुए हैं। प्रियंका के साथ यात्रा कर रहे अन्य टीम सदस्यों के बारे में भी तत्काल जानकारी नहीं मिल पाई।
परिवार ने प्रियंका का मोबाइल नंबर नेपाल के संबंधित अधिकारियों के साथ साझा किया है और लगातार उनकी सुरक्षित वापसी की जानकारी का इंतजार कर रहा है।

भिवानी के बड़सी गांव से है ताल्लुक, छत्तीसगढ़ से भी गहरा नाता

डॉ. प्रियंका चौधरी मूल रूप से भिवानी जिले के बड़सी गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता रमेश ओला जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन रह चुके हैं। प्रियंका की पढ़ाई के लिए परिवार बाद में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर चला गया था। उनकी कॉलेज की पढ़ाई बिलासपुर में हुई, जबकि मेडिकल की पढ़ाई उन्होंने फिनलैंड में पूरी की।

परिवार के मुताबिक, प्रियंका फिनलैंड में डॉक्टर के तौर पर कार्यरत हैं। उन्होंने फिनलैंड के ही एक इंजीनियर से शादी की है और वहीं रह रही हैं। इसी वजह से उनका फिनलैंड और छत्तीसगढ़, दोनों से खास जुड़ाव रहा है।

13 अगस्त से शुरू हुआ था नेपाल का सफर

परिजनों के अनुसार, प्रियंका करीब 70 डॉक्टरों की टीम के साथ नेपाल घूमने गई थीं। 13 अगस्त से शुरू हुआ उनका यह टूर 26 अगस्त तक निर्धारित था। टीम ने नेपाल के कई पर्यटन स्थलों का दौरा किया और इसके बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा की ओर गई।

परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि जिस समय प्रियंका नेपाल-चीन सीमा के पास थीं, उसी दौरान इलाके में प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई।

दो साल पहले पैतृक गांव आई थीं, रक्षाबंधन पर फिर आने वाली थीं

प्रियंका के चचेरे भाई विनोद ओला के मुताबिक, वह करीब दो साल पहले अपने पैतृक गांव बड़सी आई थीं। उस दौरान उन्होंने परिवार और गांव के लोगों से मुलाकात की थी। जल्द दोबारा गांव आने का वादा करके वह वापस चली गई थीं।
इस बार भी परिवार को उम्मीद थी कि रक्षाबंधन के मौके पर प्रियंका घर आएंगी। उनकी 26 अगस्त की वापसी टिकट थी और उन्हें छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित घर पहुंचना था। लेकिन नेपाल में आई आपदा के बाद उनका कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार बेहद परेशान है।

परिजन लगातार नेपाल के अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के संपर्क में हैं। परिवार की अब एक ही उम्मीद है कि डॉ. प्रियंका चौधरी सुरक्षित हों और जल्द ही उनसे संपर्क हो जाए।