Nepal flash Floods: चीन (तिब्बत)-नेपाल सीमा पर 26 अगस्त की सुबह आई फ्लैश फ्लड के 72 घंटे (तीन दिन) हो चुका है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर के टूटने और भूस्खलन के कारण आई भयानक अचानक बाढ़ और मलबे के भारी बहाव ने रसुवा (Rasuwa) समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचाई। हालांकि तीन दिन बाद नदी की गर्जना शांत हो गई। नदी के शांत होने के बाद हर तरफ सिर्फ तबाही और मलबा का अंबार दिख रहा है। इन मलबों में अब जिंदगी और शव की तलाश जारी है। बाढ़ के तीन दिन बाद भी मलबे से शव मिलने का सिलसिला जारी है। अब तक 475 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है। जबकि 1600 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। इनमें करीब 290 भारतीय भी शामिल हैं।
बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद 30 से ज्यादा देशों के नागरिक लापता हैं, जिनमें सबसे ज्यादा 288 भारतीय शामिल हैं। भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और श्रीलंका ने मदद का ऐलान किया है। जबकि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।
इस बीच, त्रिशूली हाइड्रोपावर की टनल में फंसे 350 मजदूरों और कर्मचारियों को नेपाली सेना की टीम ने रेस्क्यू किया है। इस हाइड्रोपावर में कई भारतीय मजदूर भी काम कर रहे थे। नेपाली सेना ने टनल में फंसे सभी मजदूरों का रेस्क्यू कर लिया है। नेपाल पुलिस के मुताबिक अब तक करीब 1600 लोगों को हेलीकॉप्टर और जमीनी रास्ते से सुरक्षित निकाला जा चुका है। नेपाल पुलिस के अनुसार अब तक 796 लोगों को हेलीकॉप्टर से और 796 लोगों को जमीनी रास्ते से सुरक्षित निकाला जा चुका है। हालांकि 1500 से ज्यादालोगों का कोई पता नहीं चल पाया है।
चितवन जिले से सबसे ज्यादा 137 शव बरामद
चितवन जिले से सबसे ज्यादा 137 शव बरामद हुए हैं। जबकि रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, गोरखा, तनहुं और नवलपरासी जिलों से भी शव मिले हैं। बाढ़ ने 35 पुल, 45 झूला पुल और करीब 40 किलोमीटर सड़कें तबाह कर दी हैं। त्रिशूली और देवीघाट जैसे पनबिजली प्रोजेक्ट को भी नुकसान पहुंचा है। त्रिशूली नदी तिब्बत से निकलने वाली नदी है। ये नदी तिब्बत से नेपाल आती है. यह नदी अपने तेज बहाव और व्हाइट वाटर राफ्टिंग के लिए मशहूर रही है। लेकिन बुधवार को इसी त्रिशूली नदी में ऐसा तूफान और प्रलय आया, जिसने तबाही ला दी।
35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बहें
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 35 पुल और 45 सस्पेंशन ब्रिज बह गए हैं। जिसके चलते कई इलाकों का संपर्क मार्ग कट गया है। इसके अलावा 13 जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुंचा है। कई वाहन तेज बहाव की चपेट में आए हैं। नेपाल में विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद कई इलाकों में हालात अब भी गंभीर हैं। बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने और सड़कों-पुलों के टूटने से राहत और बचाव अभियान में मुश्किलें आ रही हैं।
भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा ठप
इस बाढ़ का सीधा असर भारत-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय बस सेवा पर भी पड़ा है। भारी फ्लैश फ्लड के चलते दिल्ली सरकार और दिल्ली परिवहन निगम ने भारत-नेपाल मैत्री बस सेवा को अगले 2 दिनों के लिए रोक दिया है। दिल्ली परिवहन निगम की ओर से गुरुवार को बताया गया कि दिल्ली-काठमांडू मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है। सुरक्षा के लिहाज से DTC ने 28-29 अगस्त को दिल्ली से काठमांडू जाने वाली बस यात्रा को रोक दिया है।
चीन ने तिब्बत से 555 फंसे पर्यटकों को निकाला
तिब्बत में 555 फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। शिन्हुआ न्यूज ने चीनी अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी दी है। अभी यह पता नहीं है कि तिब्बत से निकाले गए इन 555 पर्यटकों का आंकड़ा नेपाल की ओर से जारी लापता या प्रभावित लोगों के आंकड़ों में शामिल है या नहीं। शिन्हुआ ने यह नहीं बताया कि बचाए गए पर्यटक किन देशों के नागरिक हैं। भारत, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका ने पहले ही बताया है कि उनके नागरिक इस आपदा के बाद लापता हैं।
पीएम मोदी ने मेलोनी को Melody Toffee गिफ्ट दी, खुशी से झूम उठी इटली की प्रधानमंत्री
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m


