Dharm Desk – घर में पेड़-पौधे लगाना हरियाली सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। हरे-भरे पौधे न केवल अपने आस-पास के वातावरण को शुद्ध और स्वच्छ बनाते हैं। बल्कि मानसिक सुकून भी प्रदान करते है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि पेड़-पौधों को सही दिशा और सही स्थान पर नही लगाया जाए तो यही हरि याली कभी-कभी परिवार के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए पौधे लगाते समय कुछ जरूरी नियमों का पालन करना बहुत जरूरी होता है। लेकिन पूरी जानकारी से पहले यह भी जान ले पेड़-पौधे प्रकृति का अनमोल उपहार है। वास्तु के ये नियम हरियाली को रोकने के लिए नहीं बल्कि सही दिशा और स्थान चुनकर जीवन में सुख-समृद्धि लाने के लिए बनाए गए हैं।

मुख्य द्वार पर न लगाएं कांटेदार पौधे

वास्तु शास्त्र में स्पष्ट रूप से बताया है कि घर के मुख्य द्वार पर या घर के भीतर कांटेदार पौधों को लगाने से बचना चाहिए। गुलाब को छोड़कर अन्य कोई भी कांटेदार पौधा घर में नहीं लगाना चाहिए,
धार्मिक और वास्तु मान्यत के अनुसार, कांटेदार पौधे घर में नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करते हैं। मुख्य द्वार पर इन्हें लगाने से परिवार के सदस्यों के बीच तनाव, मनमुटाव और अनावश्यक विवाद बढ़ने लगते हैं। साथ ही, यह धन आगमन के रास्ते में भी बाधा उत्पन्न करते हैं। जिससे आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।

विशेष ध्यानन इन बातों का भी रखें

  1. दूध निकलने वाले पौधे- ऐसे पौधे जिनमें से सफेद दूधिया पदार्थ निकलता हो, उन्हें भी घर के भीतर या प्रवेश द्वार पर नहीं लगाना चाहिए। मान्यता है कि इससे घर के सदस्यों के स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिति पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
  2. द्वार वेध दोष से बचें- घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने कोई बहुत बड़ा या घना वृक्ष नहीं होना चाहिए। इसे वास्तु में ‘द्वार वेध’ दोष कहा जाता है, जो घर के भीतर आने वाली शुभ और सकारात्मक ऊर्जा को रोक देता है।
  3. बेल का प्रवेश द्वार पर होना- सजाटव के लिए मुख्यद्वार पर बेल या लताएं चढ़ाना भी सही नहीं माना जाता, क्योंकि इससे द्वार की ऊर्जा बाधित होती है।

संतुलन बनाने का सरल उपाय

यदि किसी कारण से घर के आस-पास नींबू या कोई ऐसा पौधा मौजूद है, जिसे तुरंत हटाना संभव न हो, तो उसके पास तुलसी का पौधा जरूर लगाएं। तुलसी का पौधा नकारात्मक ऊर्जा को शांत कर सकारात्मकता और संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।