शिखिल ब्यौहार, भोपाल। मध्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में इस सत्र से लागू होने वाले प्रवेश के नए नियम फिलहाल टाल दिए गए हैं। चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि एमबीबीएस और अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश पिछले नियमों (मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा प्रवेश नियम-2018) के तहत ही होंगे। नए नियम भारी विरोध और न्यायालय में जाने के बाद नहीं थोपे जा रहे हैं।

मैनेजमेंट कोटा

निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों को 30% से बढ़ाकर 35% मैनेजमेंट कोटे से भरने का प्रस्ताव था, जिसे इस सत्र में लागू नहीं किया जा रहा है। एनआरआई पात्रता: एनआरआई  पात्रता नियमों में प्रस्तावित बदलावों को भी फिलहाल रोक दिया गया है। 

विरोध के बाद फैसला

सरकार द्वारा नियमों में संशोधन के प्रस्ताव का अभ्यर्थियों, अभिभावकों और विभिन्न संगठनों ने कड़ा विरोध किया था, जिसके बाद सरकार ने नए नियमों को लागू न करने का निर्णय लिया है।

पहले राउंड का शेड्यूल

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन: 5 से 13 अगस्त तक

सीट मैट्रिक्स: 13 अगस्त

राज्य मेरिट सूची:
14 अगस्त

चॉइस फिलिंग: 15 से 18 अगस्त

प्रथम सीट आवंटन: 20 अगस्त

दस्तावेज सत्यापन व प्रवेश: 21 से 27 अगस्त

दूसरे राउंड का अपग्रेडेशन: 21 से 27 अगस्त (अभ्यर्थियों को अपग्रेडेशन का विकल्प चुनना होगा, जिसमें 27 अगस्त रात 11:55 बजे तक संशोधन किया जा सकेगा)।

यह रही बड़ी वजह, ओएमआर शीट में गड़बड़ी का दावा कर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे

नीट-यूजी 2026 के छह अभ्यर्थियों ने ओएमआर शीट में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। दावा है कि 21 जून को हुई दोबारा परीक्षा में उनके द्वारा भरे गए उत्तर, एनटीए की वेबसाइट पर उपलब्ध स्कैन ओएमआर कॉपी से मेल नहीं खा रहे हैं। छात्रों के वकील ने मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ से इस मामले पर जल्द सुनवाई की मांग की है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि वे 600-650 से अधिक अंक पाने वाले छात्र हैं और इस गड़बड़ी से उनकी रैंक और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश प्रभावित हो सकता है।

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