शब्बीर अहमद, भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने ‘प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना’ के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। सरकार द्वारा इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए तीन वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारियों की एक नई उच्च स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। पूर्व में तैनात अफसरों के स्थान पर अब तीन नए प्रशासनिक अधिकारियों को इस कमेटी की कमान सौंपी गई है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया गया है।

इन तीन IAS अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, कमेटी में शामिल किए गए नए चेहरों में निम्नलिखित अधिकारी शामिल हैं। उमाशंकर भार्गव को अजय गुप्ता के स्थान पर संचालक, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के रूप में कमेटी का सदस्य बनाया गया है। निधि निवेदिता की जगह अब दिलीप कुमार कापसे (उप सचिव, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग) इस समिति का हिस्सा होंगे। राहुल धोते के स्थान पर रोहित सिसोदिया (उपसचिव, किसान कल्याण विभाग) को कमेटी में शामिल किया गया है।

11 महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित रहेगा कमेटी का काम

यह नवगठित कमेटी योजना को धरातल पर उतारने के लिए मुख्य रूप से 11 नीतिगत मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करेगी और इनसे जुड़े बड़े फैसले लेगी। कमेटी की प्राथमिकताओं में मुख्य रूप से शामिल हैं। प्रदेश के हर खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाना। किसानों के लिए आधुनिक कृषि यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करना। फसल कटाई के बाद के प्रबंधन (Post-Harvest Management) को दुरुस्त करना। पशुधन विकास (Livestock Development) से जुड़े कार्यक्रमों को गति देना।

साल 2031 तक चलेगी योजना

बता दें कि ‘प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना’ एक दीर्घकालिक और बेहद महत्वपूर्ण योजना है, जो साल 2025 से शुरू होकर साल 2031 तक संचालित की जाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के कृषि ढांचे को मजबूत करना और किसानों की आय में वृद्धि करना है। अब 3 नए आईएएस अधिकारी योजना के रोडमैप और क्रियान्वयन की कमान संभालेंगे।

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