दिल्ली की हवा को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार को बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ (Clean Air Mission) के तहत आयोजित ओरिएंटेशन वर्कशॉप में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस दौरान वर्ल्ड बैंक ने परियोजना की तैयारी के लिए वित्तीय ग्रांट सुविधा (Project Preparation Grant) की औपचारिक पुष्टि दिल्ली सरकार को सौंपी। पर्यावरण विभाग की यह महत्वाकांक्षी परियोजना सितंबर 2026 से अगस्त 2033 तक कुल 7 वर्षों के लिए लागू की जाएगी। इस कार्यक्रम को वर्ल्ड बैंक और अन्य बहुपक्षीय वित्तीय संस्थाओं के सहयोग से क्रियान्वित किया जाएगा। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के लक्ष्यों को गति देना और राजधानी में वायु प्रदूषण को प्रभावी ढंग से कम करना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वायु प्रदूषण जैसी जटिल चुनौती से निपटने के लिए दिल्ली सरकार एक व्यापक, वैज्ञानिक और दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि राजधानी में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए विभिन्न विभागों के बीच मजबूत संस्थागत समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास अधिक प्रभावी और परिणामकारी बन सकें। मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्यावरण विभाग, परिवहन विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), नगर निगम (MCD), दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC), दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) समेत कई एजेंसियां इस मिशन के तहत मिलकर कार्य करेंगी। इससे नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन, संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रदूषण नियंत्रण उपायों में तेजी लाई जा सकेगी।

वर्ल्ड बैंक के साथ बड़ी साझेदारी

दिल्ली सरकार ने राजधानी में वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ‘स्वच्छ हवा, स्वस्थ दिल्ली’ कार्यक्रम के तहत वर्ल्ड बैंक के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की है। सरकार का कहना है कि यह पहल विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए दिल्ली को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने की दिशा में अहम कदम साबित होगी।मुख्यमंत्री ने कहा कि तेजी से विकसित हो रही राजधानी में परिवहन, ऊर्जा, निर्माण, अपशिष्ट प्रबंधन और नागरिक सेवाओं जैसे क्षेत्रों में हो रहे बदलावों को एक साझा लक्ष्य से जोड़ना समय की जरूरत है। इसी सोच के तहत दिल्ली क्लीन एयर प्रोग्राम की परिकल्पना की गई है, ताकि प्रदूषण नियंत्रण के लिए समन्वित और प्रभावी रणनीति लागू की जा सके।

उन्होंने बताया कि सरकार की रणनीति स्पष्ट है प्रदूषण के स्रोत पर सीधे रोक लगाना, डेटा आधारित निगरानी व्यवस्था को मजबूत करना, तकनीक के माध्यम से नियमों का सख्ती से पालन कराना और नागरिकों की भागीदारी बढ़ाना। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) में सुधार करना नहीं, बल्कि पूरे प्रदूषण नियंत्रण तंत्र को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना भी है।  मुख्यमंत्री ने वर्ल्ड बैंक, भारत सरकार के आर्थिक कार्य विभाग और इस पहल से जुड़ी सभी एजेंसियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार, वर्ल्ड बैंक और दिल्ली सरकार के बीच यह साझेदारी राजधानी के लिए स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विश्वास जताया कि दिल्ली क्लीन एयर प्रोग्राम आने वाले वर्षों में देश के अन्य शहरों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बनकर उभरेगा।

ग्रीन बजट का 21% स्वच्छ हवा और यमुना पर खर्च

दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है। इस अवसर पर पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के दूरदर्शी नेतृत्व में सरकार स्वच्छ और हरित दिल्ली के लक्ष्य की दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के ग्रीन बजट में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के कुल बजट का करीब 21 प्रतिशत हिस्सा स्वच्छ हवा, हरित दिल्ली और स्वच्छ यमुना के लिए समर्पित किया गया है। उनके अनुसार यह केवल वित्तीय आवंटन नहीं, बल्कि राजधानी के प्रत्येक नागरिक को बेहतर और स्वस्थ जीवन उपलब्ध कराने की सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

इस कार्यशाला में दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, आशीष सूद और सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा के साथ भारत सरकार के आर्थिक कार्य विभाग के प्रतिनिधि, वर्ल्ड बैंक के कंट्री हेड पॉल प्रोसी, वर्ल्ड बैंक के अन्य प्रतिनिधि तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। कार्यशाला के दौरान वर्ल्ड बैंक के विशेषज्ञों ने प्रोग्राम फॉर रिजल्ट्स (P-for-R) के तहत वित्तीय प्रबंधन, खरीद प्रक्रिया, पर्यावरण एवं सामाजिक सुरक्षा मानकों तथा संस्थागत तैयारियों पर विस्तृत जानकारी दी। इसका उद्देश्य परियोजना से जुड़े विभागों और एजेंसियों को वर्ल्ड बैंक की प्रक्रियाओं और अंतरराष्ट्रीय मानकों से परिचित कराना था, ताकि दिल्ली क्लीन एयर प्रोग्राम का प्रभावी और पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।

वर्कशॉप के दौरान आयोजित तकनीकी मूल्यांकन और पैनल चर्चा में दिल्ली की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए अपनाई जा रही विभिन्न रणनीतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसमें सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने, सड़कों पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने और ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने जैसे प्रमुख मुद्दों पर विशेष चर्चा हुई। इस तकनीकी सत्र में दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC), परिवहन विभाग, दिल्ली नगर निगम (MCD), लोक निर्माण विभाग (PWD), नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली ट्रांसको लिमिटेड (DTL) के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय, आधुनिक तकनीक के उपयोग और प्रभावी निगरानी व्यवस्था के जरिए प्रदूषण नियंत्रण उपायों को और मजबूत बनाने पर अपने सुझाव साझा किए।

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