यूपी-बिहार सीमा पर जयप्रभा सेतु के नीचे मंगलवार सुबह सरयू नदी की रेत पर एक नवजात बच्ची मिली, जिसकी उम्र दो से तीन दिन बताई जा रही है. मांझी पुलिस ने बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है.
बलिया. उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमा पर स्थित जयप्रभा सेतु के नीचे मंगलवार सुबह सरयू नदी की रेत पर एक नवजात बच्ची मिली. पुल के पाया नंबर-10 से करीब 50 फीट नीचे बच्ची के रोने की आवाज सुनकर मांझी निवासी विकास ने उसे देखा और पुलिस को सूचना दी. बच्ची को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मांझी में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.
रोने की आवाज सुनकर पहुंचे
जानकारी के अनुसार, मंगलवार सुबह विकास जयप्रभा सेतु से गुजर रहे थे. इसी दौरान उन्हें पुल के नीचे से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी. नीचे पहुंचने पर उन्होंने रेत पर नवजात बच्ची को पड़ा देखा और तत्काल मांझी पुलिस को इसकी जानकारी दी.
सूचना मिलने के बाद पुलिस की मदद से बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया. आशंका जताई जा रही है कि किसी ने उसे पुल से नीचे फेंका था, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी.
हालत खतरे से बाहर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की निगरानी में बच्ची का उपचार जारी है. डॉक्टरों के मुताबिक, उसकी उम्र करीब दो से तीन दिन प्रतीत हो रही है. लगभग 50 फीट नीचे गिरने के बावजूद रेत पर पड़े होने के कारण उसे गंभीर चोट नहीं आई.
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फिलहाल बच्ची की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है. घटना की जानकारी सामने आने के बाद इलाके में इसकी चर्चा होने लगी. बच्ची को बचाने के लिए तत्परता दिखाने वाले विकास और पुलिस के प्रयासों की सराहना की जा रही है.
पुलिस कर रही जांच
बच्ची को अस्पताल पहुंचाने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि नवजात को पुल से नीचे किसने और किन परिस्थितियों में फेंका. फिलहाल बच्ची की पहचान और घटना के पीछे की वजह को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आई है.

