पानीपत। हरियाणा के पानीपत जिले से स्वास्थ्य विभाग की एक बेहद शर्मनाक और हैरान करने वाली लापरवाही सामने आई है। समालखा के नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखी एक 22 साल की नवविवाहिता की लाश फ्रीजर खराब होने की वजह से पूरी तरह सड़ गई और उसमें कीड़े पड़ गए। शवगृह वह सरकारी कमरा होता है जहां पोस्टमार्टम होने तक मृत शरीरों को सुरक्षित रखा जाता है। जब सोमवार को परिजन पोस्टमार्टम के लिए पहुंचे और उन्होंने शव की यह हालत देखी, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही डॉक्टरों और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी और हंगामा किया।

शादी के चार महीने बाद ही मायके छोड़ गए थे ससुराल वाले

मृतक लड़की की पहचान सरिता के रूप में हुई है, जिसकी शादी करीब चार महीने पहले सोनीपत के मोहम्मदाबाद गांव में हुई थी। सरिता के चाचा राम निवास ने बताया कि करीब एक महीने पहले ससुराल के लोग उसे मायके मच्छरौली गांव में छोड़ गए थे। जब परिवार ने इसका कारण पूछा, तो उन्होंने कोई साफ जवाब नहीं दिया। इसके बाद सरिता ने अपने पति और ससुराल वालों से फोन और मैसेज के जरिए बात करने की बहुत कोशिश की, लेकिन किसी ने उसका फोन नहीं उठाया। इस उपेक्षा और दिमागी तनाव के कारण सरिता ने रविवार को फांसी लगाकर अपनी जान दे दी।

रातभर बंद पड़े फ्रीजर में रही लाश, पहचानना भी हुआ मुश्किल

रविवार को घटना के बाद पुलिस ने सरिता के शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए समालखा के सरकारी अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया। रविवार को डॉक्टर न होने से पोस्टमार्टम नहीं हो पाया और लाश को रातभर वहीं रखना पड़ा। सोमवार दोपहर जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि शवगृह का फ्रीजर कई दिनों से खराब पड़ा था। बिना कूलिंग यानी ठंडक न मिलने के कारण लाश पूरी तरह खराब हो चुकी थी और उसमें कीड़े लग गए थे। परिजनों का कहना है कि अस्पताल की इस लापरवाही ने उनके दुख को सौ गुना बढ़ा दिया है। पुलिस ने परिजनों को शांत कराया और मामले की जांच का भरोसा दिया है।