कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। जिस भारतीय जांबाज को वायु सेना दिवस पर सम्मान मिलना तो दूर, उसकी सुध लेने वाला भी कोई नहीं था, News24 मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ और लल्लूराम डॉट कॉम के तस्वीर दिखाते ही तस्वीर ही बदल गई। धूल, सूखे पत्तों और मकड़जाल में घिरा फाइटर जेट नेट सेबर अब चमक रहा है, निगम का अमला सफाई में जुटा और इस शूरवीर को सलामी दी गयी, भारत माता की जय के जयघोष भी गूंजे। लेकिन आखिर ये जांबाज है कौन? इसकी कहानी क्या है और क्यों इसे सेबर विध्वंसक कहा गया? पढ़िए इस भारतीय जांबाज की गौरवगाथा।

HAL नैट, भारतीय वायुसेना का वो हल्का लड़ाकू विमान, जिसने भारत-पाकिस्तान युद्धों में अपनी ताकत का लोहा मनवाया। 1956 में भारत ने नैट के निर्माण की शुरुआत की और बाद में हिन्दुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने इसे लाइसेंस के तहत भारत में बनाया। अपने छोटे आकार, हल्के वजन और शानदार फुर्ती की वजह से यह दुश्मन के लिए मुश्किल लक्ष्य साबित होता था।

फिर आया 1965 का भारत-पाकिस्तान युद्ध,भारतीय वायुसेना के नैट ने पाकिस्तान के अमेरिकी F-86 Sabre जेट्स का मुकाबला किया। इसकी फुर्ती और कम ऊंचाई पर लड़ने की क्षमता ने दुश्मन के बड़े लड़ाकू विमानों को कड़ी चुनौती दी,इसी युद्ध में नैट की कामयाबी के बाद इसे नाम मिला नेट ‘सेबर विध्वंसक’।

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1971 के युद्ध में भी नैट ने भारतीय वायुसेना के ऑपरेशंस में हिस्सा लिया और पाकिस्तानी सेबर विमानों के खिलाफ सफलता हासिल की। इस विमान का नाम भारतीय वायुसेना के इतिहास में दर्ज हो गया।यानी ग्वालियर के चिड़ियाघर में खड़ा ये विमान सिर्फ मेटल का ढांचा नहीं बल्कि भारतीय वायुसेना के शौर्य की एक ऐतिहासिक निशानी है।

इसी गौरवगाथा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए इसे ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में प्रदर्शित किया गया, ताकि चिड़ियाघर आने वाले बच्चे, छात्र और आम लोग इसे देखकर भारतीय वायुसेना के इतिहास को जान सकें। लेकिन कुछ समय पहले इसकी हालत देखिए,धूल…सूखे पत्तों का ढेर…चारों तरफ मकड़जाल…वायु सेना दिवस पर News24 और लल्लूराम डॉट कॉम ने इसी बदहाली की तस्वीर दिखाई और फिर हुआ खबर का बड़ा असर। 

खबर के बाद निगम के जिम्मेदार अधिकारी हरकत में आए। आनन-फानन में सफाई अभियान शुरू हुआ।फाइटर जेट पर पानी की बौछार की गई। आसपास का कचरा और सूखे पत्ते हटाए गए, मकड़जाल साफ किया गया। जहां कुछ वक्त पहले बदहाली थी, वहां अब इस भारतीय जांबाज की चमक दिखाई दे रही है और असर सिर्फ सफाई तक नहीं रुका। इस शूरवीर को सलामी दी गई। भारत माता की जय के जयघोष गूंजे और फाइटर जेट को सम्मान मिलता देख वहां मौजूद लोग भी गौरवान्वित नजर आए।

News24 & लल्लूराम डॉट कॉम ने सिर्फ खबर दिखाई नहीं, जिम्मेदारी भी निभाई। निगम कर्मचारियों ने जहां फाइटर जेट की सफाई की। वहीं News24 & लल्लूराम डॉट कॉम के ग्वालियर संवाददाता कर्ण मिश्रा ने भी अपने हाथों से इस भारतीय जांबाज को पानी से साफ किया। अब तस्वीरों में फर्क साफ है।पहले धूल, सूखे पत्ते और मकड़जाल में घिरा भारत का गौरव और अब सम्मान के साथ चमकता वही नेट ‘सेबर विध्वंसक’।

ये सिर्फ एक पुराना लड़ाकू विमान नहीं,ये भारतीय वायुसेना के शौर्य, भारत की सैन्य विरासत और उस दौर की कहानी है, जब इस छोटे से जांबाज ने दुश्मन के बड़े लड़ाकू विमानों को चुनौती दी थी। खबर दिखाना ही नहीं खबर के बाद बदलाव और सम्मान लौटाना भी जिम्मेदारी है। News24 & लल्लूराम डॉट कॉम ने मुद्दा उठाया, जिम्मेदारों ने सुध ली और अब भारतीय वायुसेना का ये जांबाज पूरे सम्मान के साथ खड़ा है।

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