कमला नगर, गुजरांवाला टाउन, रूप नगर और जवाहर नगर समेत दिल्ली के कई इलाकों में अवैध बोरवेल और भूजल के अनधिकृत दोहन के मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। एनजीटी ने संबंधित उपमंडल अधिकारी (SDM) को मामले में पक्षकार बनाते हुए जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को होगी।

DJB की रिपोर्ट में सामने आए अवैध बोरवेल

एनजीटी चेयरमैन न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) की रिपोर्ट पर गौर करने के बाद यह आदेश दिया। रिपोर्ट में बताया गया कि क्षेत्र में अब भी आठ स्थानों पर अवैध बोरिंग और भूजल का दोहन किए जाने के मामले सामने आए हैं।

यह आवेदन राशि शर्मा की ओर से 11 नवंबर 2025 के पूर्व आदेश के अनुपालन की मांग को लेकर दायर किया गया था। DJB ने अपने जवाब में कहा कि पूर्व आदेश के बावजूद स्थिति पूरी तरह नहीं सुधरी है और कई स्थानों पर भूजल का अवैध दोहन जारी है।

रूप नगर और कमला नगर में भी मिले बोरवेल

DJB की रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग ने अवैध बोरवेल संचालित करने वाले कई परिसरों की पहचान की है। जांच के दौरान रूप नगर में पांच, कमला नगर में दो और गुजरांवाला टाउन में एक अवैध बोरवेल पाया गया।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भूजल के अनधिकृत दोहन से जुड़े मामलों में संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के लिए सूचित किया गया है।

SDM को कई बार भेजे गए पत्र

दिल्ली जल बोर्ड ने एनजीटी को बताया कि संबंधित SDM को कई बार पत्र भेजकर अवैध बोरवेल के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया था। इसके बावजूद पूर्व आदेश के अनुपालन को लेकर स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।

इन तथ्यों को गंभीरता से लेते हुए एनजीटी ने संबंधित SDM को मामले में पक्षकार बनाया और उन्हें हलफनामा दाखिल कर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। अब सभी की नजरें 16 सितंबर को होने वाली अगली सुनवाई पर हैं।

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