अशोक कुमार जायसवाल, डीडीयू नगर. राजकीय महिला चिकित्सालय में गुरुवार को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने विभिन्न मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार किया. कर्मचारी अस्पताल में अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहे, लेकिन मांगों के समर्थन में काम नहीं किया. इससे पहले कर्मचारियों ने करीब तीन दिनों तक काली पट्टी बांधकर विरोध जताया था.

आयुष चिकित्साधिकारी डॉ. नितेश केसरी ने बताया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबे समय से कार्यरत संविदा और आउटसोर्सिंग कर्मियों का नियमितीकरण, स्थायी कर्मचारियों के समान पद और समान कार्य के लिए समान वेतन देना शामिल है. कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें स्थायी कर्मचारियों के समान सुविधाएं और वेतन नहीं मिल रहा है. मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक को ज्ञापन भी दिया जा चुका है.

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कर्मचारियों ने इंश्योरेंस सुविधा लागू करने की मांग भी उठाई. उनका कहना है कि बीमा सुविधा को लेकर स्वीकृति होने के बावजूद अभी तक इसका लाभ कर्मचारियों को नहीं मिल पाया है. कर्मचारियों ने बीमा सुविधा तत्काल लागू करने की मांग की.
डॉ. केसरी ने बताया कि कार्य बहिष्कार के बावजूद कोई कर्मचारी अनुपस्थित नहीं है. सभी कर्मचारी अस्पताल में मौजूद हैं, लेकिन मांगों के समर्थन में कार्य नहीं कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश एड्स नियंत्रण सोसाइटी कर्मचारी संघ की ओर से भी नियमितीकरण सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान किया गया है. संघ ने 15 अक्टूबर को लखनऊ के ईको गार्डन में धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की है. मांगें पूरी नहीं होने पर 16 अक्टूबर से भूख हड़ताल और एचआईवी/एड्स संबंधी सेवाएं स्थगित करने की चेतावनी दी गई है. एनएचएम कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा और अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने को मजबूर होंगे.