करनाल। निसिंग अनाज मंडी में धान की खरीद को लेकर किसानों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई दिनों से मंडी में अपनी धान की फसल लेकर बैठे किसानों ने आरोप लगाया कि मिलर धान की खरीद नहीं कर रहे हैं और उन्हें कम दामों पर फसल बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि इससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद करनाल के डीसी आनंद कुमार शर्मा निसिंग अनाज मंडी पहुंचे और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने डीसी को बताया कि वे कई दिनों से मंडी में फसल लेकर बैठे हैं, लेकिन सरकारी एजेंसियों और मिलरों की ओर से धान की खरीद नहीं होने के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है।

किसानों ने बताई खरीद की समस्या

किसानों ने कहा कि मंडी में धान की आवक लगातार हो रही है, लेकिन खरीद की रफ्तार पर्याप्त नहीं है। कई किसानों की फसल मंडी में पड़ी हुई है और उन्हें अपनी उपज बिकने का इंतजार करना पड़ रहा है। किसानों के मुताबिक, खरीद में देरी के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मंडी में रहने और फसल की देखभाल को लेकर भी परेशानी हो रही है।

किसानों ने डीसी के सामने यह भी मुद्दा उठाया कि मिलर उनकी धान की खरीद नहीं कर रहे हैं और जहां खरीद हो रही है, वहां कम दाम मिलने की शिकायत सामने आ रही है।

डीसी ने दिया समस्या के समाधान का भरोसा

किसानों की समस्याएं सुनने के बाद डीसी आनंद कुमार शर्मा ने उन्हें भरोसा दिलाया कि धान खरीद से जुड़ी दिक्कतों का समाधान जल्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाहर के आढ़ती (ARO) काटे जाएंगे और निसिंग मंडी में अतिरिक्त राइस मिलों को भी जोड़ा जाएगा, ताकि धान की खरीद में तेजी लाई जा सके।

डीसी ने कहा कि किसानों को अपनी फसल बेचने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। मंडी में खरीद व्यवस्था को बेहतर किया जाएगा और किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

डीसी के आश्वासन के बाद किसानों को उम्मीद है कि मंडी में धान की खरीद की प्रक्रिया में तेजी आएगी और उन्हें अपनी फसल का उचित दाम मिल सकेगा।