कुंदन कुमार/पटना/हाजीपुर: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू के शीर्ष नेता नीतीश कुमार का एक बार फिर अलग और अनोखा अंदाज देखने को मिला। हाजीपुर के चकफतेह (कजरी भाट) गांव में जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के निजी कार्यक्रम में पहुंचे नीतीश कुमार ने अपने तीखे और मजाकिया अंदाज से सबको चौंका दिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष की जमकर तारीफ की तो वहीं प्रोटोकॉल और अनुशासन को लेकर उन्हें मंच से ही फटकार भी लगाई।
तारीफ के साथ दी नसीहत
कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने उमेश कुशवाहा की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि इन्हें प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई और वे लगातार दूसरी बार इस पद पर काबिज हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के रूप में उमेश कुशवाहा का काम काफी सराहनीय है और वे भविष्य में बहुत आगे जाएंगे। नीतीश ने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि पार्टी में सभी लोग प्रदेश अध्यक्ष के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही काम करें।

हाथ जोड़कर जनता को प्रणाम करो
तारीफ के बीच नीतीश कुमार का वह अंदाज भी दिखा जिसके लिए वे अक्सर चर्चा में रहते हैं। जब नीतीश कुमार ने उमेश कुशवाहा की प्रशंसा की तो वे भावुक होकर झुक गए और हाथ जोड़कर उनका अभिवादन करने लगे। यह देख नीतीश कुमार ने तुरंत टोका और तेज आवाज में कहा अरे हाथ जोड़कर हमें नहीं जनता को प्रणाम करो। उन्होंने वहां मौजूद भीड़ की ओर इशारा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष को जनता के प्रति समर्पित रहने का पाठ पढ़ाया। उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि इधर-उधर की बातें छोड़कर जनता के काम पर ध्यान केंद्रित करें इससे आपका और पार्टी का भविष्य उज्जवल होगा।
कार्यकर्ताओं में हलचल
नीतीश कुमार का यह अंदाज कैमरे में कैद हो गया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नेता और कार्यकर्ता इसे अनुशासन का पाठ मान रहे हैं वहीं विपक्ष इस पर अपनी अलग प्रतिक्रिया दे रहा है। कुल मिलाकर नीतीश कुमार ने इस संक्षिप्त संबोधन के जरिए न केवल प्रदेश अध्यक्ष की पीठ थपथपाई बल्कि कार्यकर्ताओं को यह संदेश भी दिया कि पार्टी में जनता ही सर्वोपरि है। उनके इस अनूठे संवाद ने हाजीपुर के कार्यक्रम में मौजूद सभी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। नीतीश कुमार का यह मिजाज बताता है कि वे भले ही राजनीति में दशकों से सक्रिय हों लेकिन कार्यकर्ताओं के बीच अपनी पकड़ और अनुशासन को लेकर वे आज भी पूरी तरह सतर्क हैं।

