पटना। ​बिहार की राजनीति में जनता दल यूनाइटेड (JDU) के विधायक विनय कुमार चौधरी के एक बयान ने सियासी हलचल तेज कर दी है। जेडीयू विधायक ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि कागजी सीएम और डिप्टी सीएम की औपचारिकताएं सिर्फ एक प्रक्रिया और कालचक्र का हिस्सा हैं, लेकिन असली मायने में जनता के दिलों में निशांत कुमार मुख्यमंत्री के रूप में स्थापित हो चुके हैं।

​कागजी पदों से ऊपर जनता का विश्वास

विधायक विनय चौधरी ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक और कागजी तौर पर कौन मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री बनता है, यह शासन की एक औपचारिक प्रक्रिया है। हालांकि, इससे जनता की वास्तविक भावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ता। उनके अनुसार, निशांत कुमार के कंधों पर अब बड़ी जिम्मेदारियां आ चुकी हैं, जिसे जनता ने स्वीकार कर लिया है और उन्हें अपना सच्चा नेता मान चुकी है।

​विधान परिषद चुनाव में हार की समीक्षा

हाल ही में संपन्न हुए विधान परिषद चुनाव में जदयू को मिली हार पर भी पार्टी के भीतर गहन मंथन शुरू हो गया है। विनय चौधरी ने बताया कि पार्टी ने इस हार को बेहद गंभीरता से लिया है। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की मौजूदगी में सभी नेताओं की बातों को विस्तार से सुना गया। पार्टी इन सभी हार के कारणों और बिंदुओं की समीक्षा कर रही है और कमियों को दूर कर नए जोश के साथ आगे काम करेगी।

​गठबंधन सहयोगियों और अपनों की भूमिका पर नजर

गुरुवार को जेडीयू कार्यालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में कई जिला अध्यक्षों ने अपनी बात रखी। जिलाध्यक्षों का आरोप था कि चुनाव प्रचार के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता मंच पर तो साथ नजर आए, लेकिन जमीनी स्तर यानी बूथ स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिल सका। इसके अलावा, कुछ सीटों पर अंदरखाने गठबंधन के भीतर ही विरोध की शिकायतें सामने आईं।
​पार्टी नेतृत्व ने सभी जिलाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे इन शिकायतों को लिखित रूप में दें। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भरोसा दिलाया है कि यदि जांच में शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो संबंधित नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, चुनाव में पार्टी के भीतर भितरघात करने वाले संदिग्ध नेताओं और कार्यकर्ताओं की पहचान की जा रही है। ऐसे लोगों पर संगठन से बाहर करने की बड़ी कार्रवाई भी हो सकती है।