कुरुक्षेत्र में आयोजित गैर-शिक्षक विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रांतीय अधिवेशन में भिवानी के प्रदीप कुमार को नया प्रांत महामंत्री नियुक्त किया गया है।
अजय सैनी, भिवानी। हरियाणा के विभिन्न विश्वविद्यालयों में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे गैर-शिक्षक कर्मचारियों का धैर्य अब पूरी तरह से जवाब दे चुका है। भारतीय मजदूर संघ से सीधे संबद्ध गैर-शिक्षक विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ हरियाणा ने अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासनों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का शंखनाद कर दिया है। कुरुक्षेत्र में आयोजित संघ के प्रांतीय अधिवेशन में प्रदेशभर के कर्मचारियों का यह आक्रोश साफ देखने को मिला, जहां हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएनएल) और अनुबंध पर कार्यरत हजारों कर्मचारियों के लगातार हो रहे शोषण व गंभीर वेतन विसंगतियों को लेकर तीखा रोष प्रकट किया गया। इस ऐतिहासिक प्रांतीय अधिवेशन में Non teaching university staff union Haryana को सांगठनिक मजबूती देने के लिए नए पदाधिकारियों की घोषणा की गई, जिसमें भिवानी निवासी प्रदीप कुमार को सर्वसम्मति से संघ के प्रांत महामंत्री की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी सौंपी गई।
रुके हुए वेतन के भुगतान और जॉब सिक्योरिटी की मांग
अधिवेशन में क्षेत्रीय संगठन मंत्री सोहन लाल गुप्ता, प्रांत महामंत्री हवा सिंह मेहला और प्रांत संयोजक रणबीर बांगरवा की गरिमामयी अध्यक्षता में प्रदेशभर से आए गैर-शिक्षक कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। नवनियुक्त प्रांत महामंत्री प्रदीप कुमार का अन्य पदाधिकारियों ने फूल-मालाएं पहनाकर भव्य अभिनंदन किया। इस मौके पर अपने संबोधन में नवनियुक्त प्रांत महामंत्री प्रदीप कुमार ने कहा कि विश्वविद्यालय कर्मचारियों के हितों के साथ लगातार खिलवाड़ हो रहा है। पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने के बावजूद भी कर्मचारियों को पिछले कई महीनों का वेतन नहीं मिल रहा है, जिसके चलते उनके परिवारों के समक्ष गंभीर आर्थिक परेशानियां खड़ी हो गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के आत्मसम्मान से समझौता और ऐसा अमानवीय शोषण अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मांगें पूरी न होने पर सड़कों पर उतरने की चेतावनी
प्रांत महामंत्री प्रदीप कुमार ने सरकार से पुरजोर मांग की है कि पिछले कई वर्षों से पूरी निष्ठा से काम कर रहे हजारों अनुबंध कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से जॉब सिक्योरिटी प्रदान की जाए और उनके रुके हुए वेतन का भुगतान बिना किसी देरी के जल्द से जल्द किया जाए। उन्होंने आगामी रणनीति का खुलासा करते हुए बताया कि उपरोक्त सभी न्यायसंगत मांगों को लेकर गैर-शिक्षक कर्मचारी संघ आगामी एक जुलाई को जिला उपायुक्त (डीसी) के माध्यम से प्रदेश सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपेगा। प्रदीप कुमार ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि इसके बावजूद भी सरकार द्वारा उनकी जायज मांगें नहीं मानी गईं, तो संघ अपनी मांगों को मनवाने के लिए सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

