अनूप दुबे, कटनी। शहर का मदन मोहन चौबे वार्ड रंगनाथ थाना क्षेत्र गत 20 जून को एक ऐसी सनसनीखेज घटना का गवाह बना, जिसने पुलिस प्रशासन से लेकर चिकित्सा जगत तक को हिलाकर रख दिया है। मूल रूप से शहडोल जिले के धनपुरी नगर की रहने वाली 24 वर्षीय सेजल लोनिया का शव उसके किराए के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया। 

सेजल पिछले तीन महीनों से कटनी के जीडी मेमोरियल हॉस्पिटल में नर्सिंग का कोर्स कर रही थी। इस घटना को बीते 18 दिन से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन नर्सिंग छात्रा सेजल की मौत आज भी एक गहरा रहस्य बनी हुई है। क्या यह आत्महत्या थी या फिर इस खौफनाक कदम के पीछे कोई ऐसा चेहरा है जो पुलिस की नजरों से छिपा हुआ है।

​मकान मालिक मीना यादव के मुताबिक, सेजल उनके मकान में पिछले तीन महीनों से एक शांत और सीधे स्वभाव की किरायेदार की तरह रह रही थी। वह अपने काम से काम रखती थी और आस-पड़ोस या मकान मालिक से कभी उसका कोई विवाद नहीं हुआ। ​मकान मालिक मीना यादव ने बताया कि
20 जून की सुबह रोज़ की तरह जब हम लोग पानी भरने के लिए उठे, तो सेजल का दरवाजा बंद था। हमने आवाज़ दी, दरवाजा खटखटाया, लेकिन भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। काफी देर होने पर जब संदेह हुआ, तो मैंने खिड़की से भीतर झांक कर देखा। सेजल बिस्तर पर अचेत लेटी हुई थी। घबराहट में मैंने खिड़की से उसके ऊपर पानी के छींटे भी डाले, लेकिन उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई। इसके तुरंत बाद हमने रंगनाथ थाना पुलिस को सूचना दी।

​पुलिस जब मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़ा गया, तो सेजल की लाश बिस्तर पर पड़ी थी। कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ जो सबूत लगे, उसने इस पूरे मामले को एक सामान्य आत्महत्या से हटाकर एक बेहद जटिल और संवेदनशील केस में बदल दिया।

​पुलिस को सेजल के शव के पास से ऐट्राक्यूरियम बेसिलेट इंजेक्शन आई.पी. और आर्टासिल इंजेक्शन की खाली शीशियां और सीरिंज बरामद हुईं। पुलिस ने इन्हें तुरंत जब्त कर लिया। चिकित्सा विज्ञान के जानकारों के लिए ये नाम ही यह बताने के लिए काफी हैं कि सेजल की मौत कितनी दर्दनाक और त्वरित रही होगी।

​इस मामले में  विशेषज्ञ डॉक्टर राजीव द्विवेदी के अनुसार​ नॉन-डिपोलराइजिंग मसल रिलैक्सेंट  यह चिकित्सा विज्ञान में इस श्रेणी की एक अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक दवा है। ​इसका उपयोग केवल और केवल ऑपरेशन थिएटर या आईसीयू के भीतर, बेहद नियंत्रित सेटिंग्स में किया जाता है। जब किसी मरीज की बड़ी सर्जरी होती है। 

​​इस पूरे मामले पर कटनी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य खुद इस केस की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घटना को बेहद ही गंभीरता से लिया गया है। पुलिस हर एक पहलू पर, चाहे वह सुसाइड का मामला हो या किसी दबाव या साजिश का, बारीकी से जांच कर रही है। सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यह है कि यह विशिष्ट इंजेक्शन कहां से आया और मृतिका को कैसे उपलब्ध हुआ। अस्पताल के रिकॉर्ड और ड्रग सप्लाई चेन की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। मृत्यु की स्पष्ट और अंतिम वजह पीएम की विस्तृत रिपोर्ट और FSL की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।

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