Odisha Desk, भुवनेश्वर: ओडिशा पुलिस के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) योगेश बहादुर खुरानिया (वाई.बी. खुरानिया) का कार्यकाल समाप्त हो गया है। इस अवसर पर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। भुवनेश्वर स्थित पुलिस भवन में आयोजित एक पत्रकार सम्मेलन को संबोधित करते हुए निवर्तमान डीजीपी खुरानिया ने ओडिशा में सुशासन और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने को लेकर अपना संदेश दिया।

डीजीपी खुरानिया ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा ओडिशा को ‘नक्सल मुक्त राज्य’ घोषित किया जाना ओडिशा पुलिस और सुरक्षा बलों की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि है। 31 मार्च 2026 को ओडिशा को आधिकारिक तौर पर नक्सल मुक्त घोषित किया गया था। पिछले दो वर्षों के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में सक्रिय माओवादियों के खिलाफ ओडिशा पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए संयुक्त अभियानों के कारण यह सफलता संभव हो सकी है।

माओवाद के सफाए के साथ-साथ ओडिशा पुलिस ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर भी शिकंजा कसा है। इन विशेष अभियानों के माध्यम से राज्यभर में अवैध नशीली दवाओं के परिवहन और व्यापार पर सख्त कार्रवाई की गई। इस अवधि के दौरान कुल ₹4,195 करोड़ मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त और नष्ट किए गए। इसमें लगभग ₹2,211 करोड़ मूल्य का 4,42,513 किलोग्राम गांजा शामिल है।

राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है:

अपराध दर में कमी: वर्ष 2024 की तुलना में 2025 में राहजनी (छिनैती) के मामलों में 30.2% और दंगों में 25.6% की कमी आई है।

2026 के शुरुआती आंकड़े: जनवरी से जून 2026 के बीच राहजनी में 22.8%, डकैती में 14.2%, चोरी में 8.6%, दंगों में 4.4%, हत्या में 2.9% और नकबजनी में 0.8% की गिरावट दर्ज की गई है।

उच्च सजा दर: भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराधियों को सजा दिलाने की दर में भी बड़ी सफलता मिली है। जुलाई 2024 से दिसंबर 2025 के बीच अदालतों में सजा सुनाए जाने की दर (कन्विक्शन रेट) 87.6 प्रतिशत रही।

डीजीपी ने अपने विदाई भाषण में ओडिशा पुलिस बल के जवानों के साहस, समर्पण और राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों की जमकर सराहना की।

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