Dharm Desk – इस समय हर कोई भोलेनाथ को प्रसन्न करने में जुट जाता है। कोई जल से जलाभिषेक करता है तो कोई बेलपत्र और धतूरा चढाते है। सावन में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व रहता हैं, लेकिन सावन के दौरान शिवलिंग पर चढ़ाई जाने वाली कुछ छोटी-छोटी चीजें भी आपकी किस्मत के बंद दरवाजे खोल सकती हैं।

आप लंबे समय से कड़ी से कड़ी मेहनत कर रहे हैं लेकिन फिर भी सजम में आपको वो नाम, सम्मान और सफलता नहीं मिल पा रही है, जिसके आप हकदार हैं तो यह खबर आपके बहुत काम की है। ज्योतिष शास्त्र में एक ऐसा बहुत आसान और अचूक उपाय बताया गया है, जो आपके जीवन में तरक्की के नए रास्ते खोल सकता है।

ये चमत्कारी उपाय करे

इस उपाय को करने के लिए आपको किसी बहुत बड़ी पूजा-सामग्री की जरूरत नहीं रहेगी। बस आपके किचन में रखी कुछ सामान्य चीजें ही आपके सोए हुए भाग्य को जगा सकती हैं। जिसके लिए 3 बताशे, 2 या 3 हरी इलायची, 1 लोटा शुद्ध जल ले लेl सबसे पहले तांबे या पीतल का एक लोटा लें और उसमें साफ जल भरें।अब 3 बताशे लें और उनके ऊपर 2 से 3 हरी इलायची रख दें। फिर इन्हें पानी से भरे लोटे में डाल दें।कुछ मिनटों के लिए इसे ऐसे ही रहने दें ताकि बताशे जल में पूरी तरह घुल जाएं और इलायची की सुगंध जल में बस जाए। अब इस मीठे और सुगंधित जल को लेकर पास के किसी शंकर मंदिर जाएं। वहां पूरी श्रद्धा और मन में अपनी मनोकामना रखते हुए शिवलिंग पर धीरे-धीरे जल चढ़ाए। इस उपाय को सावन के सोमवार के दिन करने से इसका फल कई गुना तक बढ़ जाता है।

क्यों असरदार है यह उपाय?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस उपाय के पीछे एक गहरा ग्रह-नक्षत्रों का गणित छुपा हुआ है।हरी इलायची का सीधा संबंध बुध ग्रह से माना जाता है। बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार, निर्णय क्षमता और सामाजिक प्रतिष्ठा का कारक माना है।वहीं मिठास और शक्कर का संबंध शुक्र ग्रह से होता है। ज्योतिष में शुक्र को धन, वैभव, सुख-सुविधा, आकर्षण और ऐश्वर्य देने वाला ग्रह माना जाता है। जब आप हरी इलायची और बताशे वाले जल से भोलेनाथ का अभिषेक करते हैं। तो भगवान शंकर के आर्शीवाद के साथ-साथ आपकी कुंडली में बुध और शुक्र दोनों ग्रह मजबूत होते हैं। इसका सीधा असर आपके काम-काज, बातचीत के तरीके और आपकी सामाजिक छवि पर पड़ता है।

क्यों खास माना जाता है जलाभिषेक?

भगवान शंकर बहुत भोले हैं वे केवल एक लोटा जल से ही खुश हो जाते हैं। सावन का महीना महादेव का सबसे प्रिय महीना है । इस दौरान जब आप श्रद्धा के साथ जल चढ़ाते हैं तो जीवन से कंगाली, असफलता और मान-सम्मान की कमी जैसी सभी परेशानी दूर होने लगती हैं।