चमोली में राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा की बैठक में 13 सितंबर को सीएम आवास कूच को लेकर रणनीति तैयार की गई. संगठन ने बताया कि सभी विकासखंडों से करीब एक हजार कर्मचारी और शिक्षक कार्यक्रम में शामिल होंगे.

चमोली. राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NMOPS) जनपद चमोली की जिला कार्यकारिणी की बैठक गौचर में आयोजित हुई. बैठक में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर 13 सितंबर को एनएमओपीएस के बैनर तले होने वाले सीएम आवास कूच की तैयारियों पर चर्चा की गई. इसमें बड़ी संख्या में चमोली के कर्मचारी और शिक्षक शामिल होंगे.

एक हजार कर्मचारी लक्ष्य

एनएमओपीएस के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री आवास कूच कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति पर मंथन किया गया. बैठक में तय किया गया कि चमोली के सभी विकासखंडों से करीब एक हजार कर्मचारी-शिक्षक कार्यक्रम में शामिल होंगे.

इसके लिए हर ब्लॉक को 100 कर्मचारी-शिक्षकों की भागीदारी का लक्ष्य दिया गया है. संगठन का कहना है कि इससे पुरानी पेंशन बहाली आंदोलन को बल मिलेगा.

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दिगम्बर सिंह नेगी ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल कर्मचारियों का अधिकार नहीं, बल्कि उनके सम्मानजनक और सुरक्षित भविष्य की गारंटी है.

आर-पार की लड़ाई

बैठक में कर्मचारियों से एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की गई. एनएमओपीएस जिलाध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने कहा कि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के भविष्य, सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का सवाल है. अब समय आ गया है कि सभी कर्मचारी एकजुट होकर इस निर्णायक आंदोलन को जनआंदोलन का रूप दें.

जिला मंत्री सुरेंद्र भगत ने कहा कि यह संघर्ष किसी एक कर्मचारी या किसी एक विभाग का नहीं, बल्कि समस्त कर्मचारियों का साझा आंदोलन है. प्रत्येक विकासखंड से व्यापक भागीदारी ही इस आंदोलन को नई दिशा और नई ताकत देगी.

पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर कर्मचारियों ने कहा कि अब आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं कर रही है, जिससे पुरानी पेंशन बहाली की मांग पूरी नहीं हो पा रही है.

आगामी रणनीति पर चर्चा

बैठक में पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर संगठन की आगामी रणनीति, जनसंपर्क अभियान तथा सभी विकासखंडों में व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया.

इस दौरान महिपाल सिंह चैहान, दिनेश बधानी, नरेंद्र कुंवर, राजेन्द्र चंद्र कंसवाल, भोला दत्त सिरस्वाल, गजेंद्र बिष्ट, शिव दर्शन सिंह नेगी, पानू चैहान, अल्का शाह, सुनील राज, संजय बिष्ट, लक्ष्मी कंडारी समेत तमाम कर्मचारी-शिक्षक नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए.