अजय सैनी, भिवानी। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों पर चुनावी हार के बाद ईवीएम और चुनावी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाकर जनता को भ्रमित करने का आरोप लगाया है। सोमवार को भिवानी के पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष को चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाने के बजाय अपनी हार के कारणों की समीक्षा करनी चाहिए।

धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि है। राजनीतिक दलों को हार के बाद चुनावी व्यवस्था को दोष देने के बजाय जनादेश का सम्मान करना चाहिए।

ईवीएम और SIR को लेकर कांग्रेस पर निशाना

धनखड़ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष की रणनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावी व्यवस्था को लेकर कांग्रेस का रवैया दोहरा है। उनके मुताबिक, जब कांग्रेस चुनाव जीतती है, तब उसे लोकतांत्रिक प्रणाली और ईवीएम में खामी नजर नहीं आती। वहीं, हार मिलने पर ईवीएम और एसआईआर जैसी प्रक्रियाओं पर सवाल उठाए जाते हैं।

उन्होंने हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों में जीत के समय कांग्रेस ने चुनावी व्यवस्था पर आपत्ति नहीं जताई। धनखड़ ने आरोप लगाया कि जिन जगहों पर जनता कांग्रेस को नकारती है, वहां पार्टी पूरी व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करने लगती है।

चुनावी संस्थाओं पर सवाल से पहले प्रमाण दे विपक्ष

भाजपा नेता ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया या संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाने से पहले ठोस तथ्य और प्रमाण सामने रखे जाने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी हार से बचने और अपनी कमियों को छिपाने के लिए संस्थाओं पर संदेह करना लोकतंत्र को कमजोर करता है।

धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका अहम है। राजनीतिक मतभेद और वैचारिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन विपक्ष को जनता के सामने तर्क और प्रमाणित तथ्य रखने चाहिए।

उन्होंने कहा कि जनता अपने मताधिकार के जरिए राजनीतिक दलों की कार्यशैली का मूल्यांकन करती है। ऐसे में कांग्रेस सहित विपक्षी दलों को ईवीएम और चुनावी प्रक्रियाओं को दोष देने के बजाय अपनी नीतियों, कार्यशैली और संगठनात्मक कमजोरियों की समीक्षा करनी चाहिए।

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