लखनऊ. रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश की सियासत में जुबानी जंग तेज हो गई है. प्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है. राजभर ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव से यूपी की बहनों की सुरक्षा को लेकर एक खास ‘वादा’ करने की मांग की.

राजभर बोले- बहनों से कर दीजिए ये वादा

ओम प्रकाश राजभर ने शुक्रवार(28 अगस्त 2026) को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि आज रक्षाबंधन है और इस मौके पर अखिलेश यादव यूपी की बहनों से एक वादा कर दें. उन्होंने कहा कि अखिलेश वादा करें कि उनके ‘गुंडे’ प्रदेश की बहनों पर गंदी नजर नहीं रखेंगे, उन्हें छेड़ेंगे नहीं और उनके साथ कोई गलत काम नहीं करेंगे. राजभर ने अखिलेश यादव से सवाल करते हुए पूछा कि क्या वह रक्षाबंधन पर यूपी की बहनों को ऐसा तोहफा दे सकते हैं?

महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सपा को घेरा

राजभर का बयान सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की राजनीति पर हमला माना जा रहा है. उन्होंने महिला सुरक्षा को मुद्दा बनाते हुए सपा के पुराने शासन को निशाने पर लिया और रक्षाबंधन के मौके पर अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से आश्वासन देने की मांग की. राजभर के बयान के बाद यूपी की सियासत में एक बार फिर महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का मुद्दा चर्चा में आ गया है.

अखिलेश ने दो दिन पहले किया था बड़ा ऐलान

राजभर का यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अखिलेश यादव ने दो दिन पहले महिला सम्मान समृद्धि योजना का ऐलान किया था. अखिलेश ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए कहा था कि सरकार बनने पर महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे. इसके अलावा इंटर पास छात्राओं को टैबलेट देने का भी वादा किया गया था.

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2027 से पहले महिला सुरक्षा बनी बड़ा सियासी मुद्दा

रक्षाबंधन के मौके पर राजभर और अखिलेश यादव के बीच बयानबाजी ऐसे समय सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज हो रही हैं. विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों ही महिला सुरक्षा, सम्मान और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर जनता के बीच अपनी-अपनी नीतियां रख रहे हैं. राजभर के ताजा बयान ने इस राजनीतिक बहस को और धार दे दी है. अब देखना होगा कि अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से राजभर के इस सीधे हमले पर क्या जवाब दिया जाता है.