लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा है. उन्होंने अखिलेश यादव के 2027 के चुनावी घोषणापत्र को दमदार नहीं बताया. साथ ही, रामपुर जेल में आजम खान से प्रस्तावित मुलाकात को चुनावी लाभ लेने की कोशिश करार दिया. राजभर ने कन्नौज में सपा के कार्यक्रम को लेकर भी अखिलेश यादव पर तंज कसा.
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2027 के घोषणापत्र पर उठाए सवाल
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव पहले भी कई चुनावों में घोषणापत्र लागू करने की बात कर चुके हैं. 2027 का घोषणापत्र भी 2017 जैसा ही होगा और उसमें कोई दम नहीं होगा. राजभर ने कहा कि सपा सरकार में रहते हुए जनता का दिल नहीं जीत पाई. इसी वजह से वह करीब 10 साल से सत्ता से बाहर है.
इसके उलट, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ की. राजभर ने दावा किया कि दोनों नेताओं ने जनता का विश्वास जीता है. उन्होंने योगी आदित्यनाथ के फिर से मुख्यमंत्री बनने की संभावना भी जताई.
आजम खान से मुलाकात को बताया चुनावी कदम
अखिलेश यादव के 22 अक्टूबर को रामपुर जेल में आजम खान से मिलने जाने के सवाल पर राजभर ने कहा कि यह चुनावी लाभ लेने की कोशिश है. उन्होंने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव लंबे समय तक आजम खान से मिलने नहीं गए और उन्हें किनारे करने में लगे रहे. राजभर ने आजम खान के जेल में होने के लिए सपा और अखिलेश यादव को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने यह भी कहा कि आजम खान जमीन से जुड़े मामलों में कथित साजिश का शिकार हुए हैं.
ओवैसी की लोकप्रियता का भी किया जिक्र
राजभर ने कहा कि असदुद्दीन ओवैसी की बढ़ती लोकप्रियता और मुस्लिम समाज में राजनीतिक जागरूकता के कारण अखिलेश यादव अब आजम खान से मिलने जा रहे हैं. उनके मुताबिक, सपा को चुनाव में मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन मिलने की चिंता है. उन्होंने इस मुलाकात को चुनावी जुमला बताया.
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कन्नौज के कार्यक्रम को लेकर साधा निशाना
कन्नौज में सपा की जिला इकाई भंग होने और पार्टी के कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव खुद वहां से सांसद हैं और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं. ऐसे में उनके क्षेत्र में कार्यक्रम का सफल नहीं होना हैरानी की बात है. उन्होंने दावा किया कि इससे जनता के बीच अखिलेश यादव की लोकप्रियता पर सवाल उठते हैं. राजभर ने कहा कि इसका असर 2027 के विधानसभा चुनाव में दिखाई देगा.

