प्रधानमंत्री वोंग ने रविवार, 6 सितंबर 2026 को कहा कि सिंगापुर को “किसी भी समुदाय के प्रति पूर्वाग्रह को स्वीकार्य या सामान्य होने की अनुमति कभी नहीं देनी चाहिए”. प्रधानमंत्री की ये टिप्पणी नेपाल में 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ के बाद ऑनलाइन पोस्ट की जा रही भारतीयों के खिलाफ नफरत भरी टिप्पणियों की लहर के जवाब में आईं. गृह मंत्री के. षणमुगम ने पुलिस को टिप्पणियों की जांच के निर्देश दिए हैं.

सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग और गृह मंत्री के शनमुगम दोनों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की बयानबाजी को बिना रोक-टोक के जारी रहने देने से नस्लीय पूर्वाग्रह सामान्य हो सकता है.

सिंगापुर जैसे बहु-सांस्कृतिक देश में इन दिनों सोशल मीडिया पर की जा रही नस्लीय टिप्पणियों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है. इन बयानों के पीछे 26 अगस्त को नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद ऑनलाइन की गई टिप्पणियां थीं. इस बाढ़ में नौ सिंगापुरी नागरिक लापता हुए थे.

प्रधानमंत्री वोंग ने कहा कि ऐसे विचार पूरे सिंगापुर का प्रतिनिधित्व नहीं करते, लेकिन उन्हें केवल ऑनलाइन की सामान्य बातचीत मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.

गृह मामलों के मंत्री के. षणमुगम ने षणमुगम के बताया हाल के दिनों में सिंगापुर में भारतीय समुदाय के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियों में बढ़ोतरी देखने को मिली है. भारतीय मूल के षणमुगम ने कहा था कि पुलिस शर्मनाक, घटिया और पूरी तरह अस्वीकार्य नस्लीय और विदेशी-विरोधी टिप्पणियों की जांच कर रही है.

प्रधानमंत्री वोंग ने कहा कि सिंगापुर में मजबूत बहस हो सकती है, लेकिन किसी समुदाय के खिलाफ पूर्वाग्रह या विदेशियों के प्रति दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए वैध तर्कों की आड़ नहीं ली जानी चाहिए.

आपको बताते चले कि सिंगापुर के चीनी मूल के बहुल समाज में भारतीयों को रोजमर्रा के जीवन में नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ता है. एक शोध पत्र बताते है कि सिंगापुर में भारतीयों के प्रति घृणा का एक प्रमुख कारण भारतीय समुदाय की एक समृद्ध और सफल सामाजिक-आर्थिक स्थिति है.

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