कुंदन कुमार, जहानाबाद। जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग ने सदर प्रखंड में पदस्थापित मनरेगा के कनीय अभियंता (JE) अमन कुमार को निगरानी ब्यूरो की टीम ने 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। यह पूरी कार्रवाई शहर के व्यस्त इलाके अंबेडकर चौक के समीप एक निजी होटल से संचालित की गई, जहां घूस की रकम के लेनदेन की डील पहले से तय थी।

​जामुक पंचायत के कार्य सत्यापन के एवज में मांग

​मिली जानकारी के अनुसार, जहानाबाद सदर प्रखंड की जामुक पंचायत में मनरेगा योजना के तहत कुछ विकास कार्य कराए गए थे। इन्हीं कराए गए कार्यों के भौतिक सत्यापन और उससे जुड़ी फाइलों को आगे बढ़ाने के एवज में कनीय अभियंता अमन कुमार द्वारा मनरेगा रोजगार सेवक से 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी। रोजगार सेवक इस अवैध वसूली से परेशान होकर भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाते हुए पूरे मामले की शिकायत निगरानी विभाग से कर दी।

​निगरानी टीम का जाल और रंगेहाथ गिरफ्तारी

​शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें आरोप सही पाया गया। इसके बाद विभाग ने एक सुनियोजित योजना तैयार की। तय योजना के तहत जैसे ही रोजगार सेवक ने अंबेडकर चौक के पास स्थित होटल में कनीय अभियंता अमन कुमार को 20 हजार रुपये सौंपे, पहले से ही मुस्तैद निगरानी विभाग की टीम ने दबिश देकर आरोपी जेई को मौके पर ही दबोच लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरा मच गई।

​जहानाबाद सर्किट हाउस में पूछताछ के बाद पटना रवाना

​रंगेहाथ दबोचने के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी कनीय अभियंता अमन कुमार को अपने साथ जहानाबाद सर्किट हाउस लेकर गई। वहां प्रारंभिक पूछताछ और आवश्यक कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद टीम आरोपी को अपने साथ पटना मुख्यालय ले गई, जहां उसे विशेष निगरानी कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा।

मनरेगा कार्यालय में मचा हड़कंप

निगरानी विभाग की इस अचानक हुई कार्रवाई से जहानाबाद जिले के मनरेगा कार्यालय और अन्य प्रशासनिक महकमों में भारी हड़कंप मच गया है। अधिकारियों और कर्मियों के बीच इस बात की चर्चा जोरों पर है कि किस तरह भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकंजा कसा जा रहा है। फिलहाल, निगरानी विभाग इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध उगाही के खेल में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।