कुंदन कुमार, पटना। बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति और फरक्का बराज के प्रभावों को लेकर राज्य के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने एक प्रेस वार्ता की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक प्रमुख नदियों का जलस्तर पूरी तरह कम नहीं होता, तब तक संकट से राहत मिलने की उम्मीद कम है। साथ ही, उन्होंने फरक्का जल संधि के नवीकरण के दौरान बिहार के हितों को प्राथमिकता दिए जाने की पुरजोर वकालत की है।
बाढ़ की वर्तमान स्थिति और नदियों का जलस्तर
राजधानी पटना में पिछले 24 घंटों से गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की जा रही है, जो कि एक सकारात्मक संकेत है। हालांकि, भागलपुर और सुल्तानगंज जैसे जिलों में पानी का स्तर अभी भी स्थिर बना हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। सरकार की पैनी नजर इस बात पर है कि जब तक गंगा के साथ-साथ पुनपुन और दरधा नदियों का जलस्तर संतोषजनक रूप से नीचे नहीं आ जाता, तब तक बाढ़ के हालात से पूरी तरह उबार पाना चुनौतीपूर्ण रहेगा।
फरक्का बराज और गाद की समस्या
बिहार में बार-बार आने वाली भीषण बाढ़ के पीछे गंगा नदी में लगातार जमा हो रही गाद (सिल्ट) एक मुख्य कारण है। इस मुद्दे पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि फरक्का बराज की वजह से नदी का जलप्रवाह बाधित होता है और गाद जमा होने के कारण राज्य की समस्याएं दिन-प्रतिदिन विकराल रूप लेती जा रही हैं।
राजनीतिक इतिहास और केंद्र से आग्रह
फरक्का जल संधि के ऐतिहासिक संदर्भ का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि जब इस संधि का निर्णय लिया गया था, उस वक्त राज्य में लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाली सरकार थी और केंद्र में यूपीए गठबंधन सत्ता में था। मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से यह जोरदार आग्रह किया है कि फरक्का जल संधि के आगामी नवीकरण के दौरान बिहार के हितों की अनदेखी बिल्कुल न की जाए और राज्य की सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाए।
राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील
इस गंभीर आपदा और दीर्घकालिक समस्या पर राजनीति से ऊपर उठने की आवश्यकता है। उपमुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी राजनीतिक दलों से यह अपील की है कि वे दलगत भावनाओं से ऊपर उठकर बिहार के व्यापक हित में इस मुद्दे को एक स्वर में केंद्र के समक्ष उठाएं, ताकि राज्य को इस आपदा से स्थायी राहत मिल सके।
विधान परिषद की सीटें और एनडीए की एकजुटता
प्रेस वार्ता के दौरान राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करते हुए उन्होंने विधान परिषद की आठ खाली सीटों पर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने दावा किया कि एनडीए के घटक दल आपसी सहमति और समन्वय के साथ सीटों का बंटवारा तय करेंगे और गठबंधन सभी सीटों पर भारी जीत दर्ज करेगा। इसके साथ ही, उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) के भीतर किसी भी प्रकार की नाराजगी की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह अनुशासित और एकजुट है।



