पटना। राजद विधायक ओसामा शहाब की गिरफ्तारी के लिए बुधवार को पटना में भारी गहमागहमी रही। सीवान के सदर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम विधायक के पटना स्थित सरकारी आवास पर छापेमारी करने पहुंची। पुलिस का यह कदम गोपालगंज की महिला डॉक्टर सुधा सिंह द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर उठाया गया था। हालांकि, जब पुलिस ने दबिश दी, तब ओसामा शहाब वहां मौजूद नहीं थे।

​हाईकोर्ट का दखल और गिरफ्तारी पर स्टे

​जैसे ही पुलिस गिरफ्तारी की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही थी, पटना हाईकोर्ट से विधायक के लिए राहत भरी खबर आई। जस्टिस सत्यव्रत वर्मा की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए सीवान कोर्ट के फैसले को पलट दिया और ओसामा की गिरफ्तारी पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। अदालत ने नाराजगी जताते हुए पुलिस से मामले की ‘केस डायरी’ मांगी थी, जो उपलब्ध नहीं कराई जा सकी। इसी तकनीकी आधार और साक्ष्यों की कमी को देखते हुए कोर्ट ने 17 जून तक किसी भी कठोर कार्रवाई पर स्टे लगा दिया है।

​जमीन विवाद और रंगदारी का मामला

​यह पूरा विवाद 26 अप्रैल 2026 को दर्ज हुए एक केस से जुड़ा है। गोपालगंज की डॉक्टर सुधा सिंह और उनके पति डॉ. विनय सिंह ने आरोप लगाया था कि विधायक ओसामा शहाब ने जमीन के एक पुराने विवाद को लेकर उनसे मोटी रंगदारी मांगी है और जान से मारने की धमकी दी है। इसी मामले में निचली अदालत ने वारंट जारी किया था।

​पुलिस की वापसी और अगली सुनवाई

​सीवान एसपी पूरन झा के अनुसार, पुलिस की कार्रवाई पूरी तरह कानूनी वारंट पर आधारित थी। लेकिन आवास पर मौजूद विधायक के समर्थकों द्वारा हाईकोर्ट के स्थगन आदेश की जानकारी मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया। अब पुलिस को 17 जून को होने वाली अगली सुनवाई तक प्रतीक्षा करनी होगी, जहां केस डायरी के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।