Odisha Desk, भुवनेश्वर: कृषि उच्च शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ओडिशा सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य के कृषि एवं कृषक सशक्तिकरण विभाग ने ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (OUAT) में अध्ययनरत पात्र स्नातकोत्तर (PG) और पीएचडी (PhD) विद्यार्थियों के लिए मासिक भत्ता देने की मंजूरी प्रदान की है। जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
कितना मिलेगा भत्ता?
स्नातकोत्तर (PG): दो वर्षीय व्यावसायिक स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में अध्ययनरत पात्र छात्रों को ₹10,000 प्रति माह का भत्ता दिया जाएगा।
पीएचडी (PhD): अधिकतम तीन वर्षों तक शोध कर रहे विद्यार्थियों को ₹15,000 प्रति माह की वित्तीय सहायता मिलेगी।
सरकार का मानना है कि इस कदम से मेधावी छात्रों को आर्थिक तंगी के बिना उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।
प्रमुख नियम एवं शर्तें
अपवाद: यह सुविधा कॉलेज ऑफ बेसिक साइंस, सेल्फ-फाइनेंसिंग पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज सेंटर और एनआरआई (NRI) कोटे के तहत नामांकित विद्यार्थियों पर लागू नहीं होगी।
एक ही छात्रवृत्ति का विकल्प: यदि कोई विद्यार्थी पहले से किसी अन्य योजना या संस्था से छात्रवृत्ति पा रहा है, तो उसे दोनों में से किसी एक का चयन करना होगा। एक से अधिक वित्तीय सहायता का लाभ नहीं मिलेगा।
वार्षिक नवीनीकरण: हर साल छात्र के संतोषजनक शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर भत्ते का नवीनीकरण किया जाएगा। गलत तथ्य देने, बीच में पाठ्यक्रम छोड़ने या नियमों के उल्लंघन पर भत्ता रद्द कर दिया जाएगा।
निर्णय पर स्वागत
वित्त विभाग की सहमति के बाद राज्यपाल के आदेशानुसार कृषि एवं कृषक सशक्तिकरण विभाग के आयुक्त-सह-सचिव सचिन रामचंद्र जाधव ने यह अधिसूचना जारी की है।
इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए ओयूएटी के कुलपति ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी का धन्यवाद ज्ञापन किया है। उन्होंने कहा कि यह पहल कृषि व संबद्ध विज्ञान के क्षेत्र में उच्चस्तरीय अनुसंधान को मजबूत करेगी और भविष्य में राज्य की खाद्य सुरक्षा व कृषि विकास को नई दिशा देगी।
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