मयंक श्रीवास्तव, अयोध्या. रामनगरी अयोध्या मे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन को लेकर मीडिया के कुछ माध्यमों में चल रही खबरों को गलत बताते हुए चयन प्रक्रिया का पूरा तथ्यात्मक विवरण सार्वजनिक किया है. ट्रस्ट के महासचिव स्वामी गोविंद देव गिरी की ओर से जारी इस स्पष्टीकरण में कहा गया है कि नवनियुक्त CEO एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (सेवानिवृत्त) चयन प्रक्रिया के हर चरण में शामिल हुए थे और उनका चयन पूरी तरह योग्यता आधारित था.

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साक्षात्कार में शामिल हुए थे जितेंद्र मिश्र

ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र CEO चयन के लिए हुए साक्षात्कार में शामिल हुए थे. उन्होंने 11 अगस्त को पहली पाली में अयोध्या में आमने-सामने हुई चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया था. ट्रस्ट के अनुसार, जितेंद्र मिश्र के साक्षात्कार में शामिल नहीं होने संबंधी दावे तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह गलत हैं. शीर्ष तीन अनुशंसित प्रत्याशियों में उनका शामिल होना ही उनकी भागीदारी, मूल्यांकन और योग्यता आधारित चयन की पुष्टि करता है.

5,585 आवेदनों में से ऐसे हुआ चयन

ट्रस्ट ने चयन की पूरी समय-रेखा भी जारी की है. 6 जुलाई को CEO के चयन के लिए खोज समिति (सर्च कमिटी) का गठन किया गया. आवेदन और स्क्रीनिंग मे समिति को कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए. इन आवेदनों की बहुस्तरीय जांच की गई. दिल्ली-एनसीआर, पुणे और संबलपुर में AI आधारित स्क्रीनिंग के साथ-साथ मैनुअल विशेषज्ञ मूल्यांकन भी किया गया. 11 और 12 अगस्त को इन 16 प्रत्याशियों की अयोध्या में आमने-सामने बातचीत और साक्षात्कार की प्रक्रिया हुई. एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र भी इस प्रक्रिया का हिस्सा थे और उन्होंने 11 अगस्त को पहली पाली में साक्षात्कार दिया था.

1 सितंबर को खोज समिति ने अपनी अंतिम रिपोर्ट और अनुशंसाएं ट्रस्ट को सौंप दीं. इसमें तीन नामों की अनुशंसा की गई थी, जिनमें एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र, संजय प्रताप सिंह विश्वास राव और श्रुति भारद्वाज शामिल थे. 2 सितंबर को ट्रस्ट की ओर से मीडिया के समक्ष इन तीनों नामों की जानकारी दी गई. इसके बाद जितेंद्र मिश्र को मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाए जाने की घोषणा की गई. ट्रस्ट के मुताबिक, चयन प्रक्रिया का प्रत्येक चरण दस्तावेजीकृत था और अयोध्या में अंतिम चरण में शामिल सभी प्रत्याशियों की पहचान दर्ज की गई थी.

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पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्धता

स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि ट्रस्ट संस्थागत शासन और पारदर्शिता के उच्च मानकों के अनुरूप चयन प्रक्रिया संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है. भविष्य में प्रक्रिया को लेकर कोई भी सवाल उठता है तो ट्रस्ट तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराता रहेगा.

पूर्व IPS राजेश पांडे ने भी दी सफाई

इस बीच CEO चयन को लेकर उठे सवालों के बीच पूर्व IPS अधिकारी राजेश पांडे ने भी अपने बयान पर सफाई दी है. ट्रस्ट की ओर से स्पष्टीकरण जारी किए जाने के बाद राजेश पांडे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की. उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि नवनियुक्त CEO एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र (रिटायर्ड) साक्षात्कार में शामिल नहीं हुए थे. राजेश पांडे ने अपनी पोस्ट में कहा कि यह उनकी तरफ से स्पष्टीकरण है, क्योंकि राम मंदिर के CEO के चयन को लेकर मीडिया में भ्रांतियां फैलाई जा रही हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि एक निजी चैनल के पॉडकास्ट के दौरान CEO चयन को लेकर दिए गए उनके बयान को अलग अर्थ में प्रस्तुत किया जा रहा है.