आजमगढ़. एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार (11 अक्टूबर 2026) को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संभल से चुनाव लड़ने की चुनौती दी. आजमगढ़ के दीदारगंज विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा में ओवैसी ने अखिलेश यादव और योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि मजलिस दोनों को हराएगी, उन्होंने राजनीतिक हिस्सेदारी, बेरोजगारी, गरीबी और शिक्षा जैसे मुद्दे भी उठाए. सभा में करीब 15 हजार लोगों के पहुंचने का दावा किया गया.
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‘अखिलेश गोरखपुर जाएं, योगी संभल आएं’
ओवैसी ने कहा, “बाबा अखिलेश यादव से कह रहे हैं, आ जाओ अयोध्या. ओवैसी बाबा से कह रहा है, आ जाओ संभल. अखिलेश, जाओ गोरखपुर. मजलिस दोनों को हराएगी.” उनके इस बयान को यूपी की राजनीति में एआईएमआईएम की भूमिका बढ़ाने और सपा-भाजपा को चुनौती देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
बोले- गांधी-नेहरू नहीं, अपने नेताओं की जरूरत
ओवैसी ने कहा कि अगर आज के दौर में कोई नेहरू-गांधी बनने का दावा करेगा, तो उनकी पार्टी उसके पीछे नहीं चलेगी. उन्होंने कहा कि वे अपनी कतारों से नेता तैयार करेंगे और उन्हें गांधी-नेहरू की नहीं, बल्कि अपने नेताओं की जरूरत है. मौलाना आजाद का जिक्र करते हुए ओवैसी ने दावा किया कि गांधी उन्हें कैबिनेट में मंत्री बनने देने के पक्ष में नहीं थे और इस संबंध में नेहरू को खत लिखा था. उन्होंने कहा कि उनका सपना उत्तर प्रदेश में लोगों की आवाज बनना है.
युवाओं से बोले- सिर्फ नारे लगाने से कुछ नहीं मिलेगा
ओवैसी ने युवाओं से कहा कि नेताओं की सभाओं में दरी बिछाने और नारे लगाने भर से कुछ हासिल नहीं होगा. युवाओं को राजनीतिक हिस्सेदारी की लड़ाई में आगे आना चाहिए. उन्होंने शादी और दहेज पर भी बात की. ओवैसी ने युवाओं को दहेज से दूर रहने और अपनी पत्नी से प्यार का इजहार करने की सलाह दी.
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गरीबी, रोजगार और बुलडोजर कार्रवाई पर उठाए सवाल
ओवैसी ने दावा किया कि आजमगढ़ उत्तर प्रदेश का चौथा सबसे गरीब जिला है. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बुलडोजर कार्रवाई के बजाय रोजगार, शिक्षा और किसानों की सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए. उनके मुताबिक, महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा की समस्याएं सभी समुदायों को प्रभावित करती हैं. उन्होंने कहा कि मुसलमानों के खिलाफ कार्रवाई से आम लोगों की समस्याएं हल नहीं होंगी.

