लखनऊ. उत्तर प्रदेश में मौसम और बाढ़ की दोहरी मार पड़ रही है. पश्चिमी यूपी के 15 जिलों में आज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका है. रविवार को मेरठ, शामली और बिजनौर समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई. मेरठ में ओले भी गिरे, जबकि बिजनौर में धूल भरी आंधी के बाद बारिश शुरू हो गई. दूसरी ओर, लखनऊ और गोंडा में बाढ़ से हालात गंभीर बने हुए हैं.
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मेरठ में आंधी से पेड़ गिरे, बाइकें क्षतिग्रस्त
रविवार दोपहर मेरठ में तेज बारिश के साथ ओले गिरे. तेज आंधी के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए. सिविल लाइन पुलिस चौकी पर एक बड़ा पेड़ गिरने से उसके नीचे खड़ी कई बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं. शामली में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हुई और कुछ इलाकों में ओले गिरने की खबर है. मौसम के इस बदलाव से खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसलों को नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है.
ट्रफ लाइन से बदलेगा पश्चिमी यूपी का मौसम
मौसम वैज्ञानिक मनोज श्रीवास्तव के मुताबिक, मध्य पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है. यह दक्षिण जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से होते हुए उत्तरी मध्य प्रदेश तक फैली है. इसी मौसमी सिस्टम के प्रभाव से पश्चिमी यूपी के कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं. मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की जरूरत है.
लखनऊ में गोमती का जलस्तर बढ़ा, सड़कें डूबीं
राजधानी लखनऊ में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है. गोमती नदी का जलस्तर लगातार 12वें दिन बढ़ने की खबर है. कई वीआईपी इलाकों की सड़कें पानी में डूब गई हैं. फैजुल्लागंज की गलियों में लोगों के गले तक पानी भरने की बात सामने आई है. दावा है कि 40 से 50 हजार से अधिक घर आधे से ज्यादा डूब चुके हैं और सड़कों पर नावें चल रही हैं. तीन लाख से ज्यादा लोगों के प्रभावित होने की बात कही गई है. घरों के बाहर खड़ी 50 से अधिक कारें भी पानी में डूब गई हैं. गोमती रिवर फ्रंट को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है.
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गोंडा के आठ गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
गोंडा में घाघरा नदी उफान पर है. बाढ़ का पानी आठ गांवों में घुस गया है और सात हजार से अधिक लोगों के फंसे होने की जानकारी है. पश्चिमी यूपी में बारिश और ओलावृष्टि की आशंका के बीच प्रदेश के बाढ़ प्रभावित इलाकों में भी लोगों की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं.

