हरियाणा के पंचकूला में राष्ट्रीय सीए छात्र सम्मेलन प्रज्ञान 2026 का शानदार आगाज हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।

पंचकूला। सेक्टर 5 स्थित इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में शनिवार को चार्टर्ड अकाउंटेंट्स छात्रों के राष्ट्रीय सम्मेलन ‘प्रज्ञान 2026’ का शानदार आगाज हुआ। इस भव्य कार्यक्रम में राज्य के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत सम्मेलन की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा पंचकूला में एक अत्याधुनिक ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित करने के लिए पांच एकड़ भूमि की मांग को गंभीरता से लिया और सरकार की तरफ से हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का मजबूत आश्वासन दिया। उन्होंने छात्रों को देश निर्माण के लिए प्रेरित किया।

अर्थव्यवस्था में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का बड़ा योगदान

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सीए छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। आज देश के भीतर हर महीने रिकॉर्ड जीएसटी का संग्रह किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर भारत की मजबूत होती आर्थिक ताकत का सबसे बड़ा प्रतीक है। सीएम ने स्पष्ट रूप से कहा कि देश की इस पूरी टैक्स व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का बहुत बड़ा योगदान है। विकसित भारत के निर्माण में सीए की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण साबित होने वाली है।

एआई तकनीक कभी नहीं ले सकती इंसान की जगह

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की चुनौतियों पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज के समय में तकनीक बहुत तेजी से बदल रही है और हर जगह एआई की चर्चा हो रही है। कुछ लोग यह डर फैला रहे हैं कि एआई के आने से चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की नौकरियां पूरी तरह खत्म हो जाएंगी, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। मुख्यमंत्री ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि कोई भी कंप्यूटर सॉफ्टवेयर या एआई कभी भी इंसान के विवेक, उसके गहरे अनुभव और सटीक निर्णय लेने की क्षमता का विकल्प नहीं बन सकता है।

देश के भरोसे की चाबी युवाओं के हाथ

मुख्यमंत्री ने छात्रों को समझाते हुए कहा कि यह परीक्षा केवल एक साधारण कोर्स नहीं है, बल्कि यह एक कठिन साधना और तपस्या का मार्ग है। जब छात्र यह प्रतिष्ठित डिग्री हासिल करके बाहर निकलेंगे, तो उनके हाथों में पूरे देश के भरोसे की चाबी होगी। उनकी एक सही और ईमानदार रिपोर्ट देश के खजाने को मजबूत करती है, जिससे सीमा पर तैनात सैनिकों को बेहतरीन उपकरण मिलते हैं। इस अवसर पर बोर्ड ऑफ स्टडीज के चेयरमैन सीए राजेश शर्मा ने बताया कि यह संस्थान वर्तमान में 5.30 लाख सदस्यों के साथ विश्व की सबसे बड़ी अकाउंटिंग बॉडी बन चुकी है।