इदरीश मोहम्मद, पन्ना। मध्य प्रदेश के पन्ना जिला मुख्यालय पर स्थित मैस्कॉट हॉस्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने एक नाबालिग किशोरी के अवैध गर्भपात के मामले में बेहद सख्त कार्रवाई की है। प्रशासन ने अस्पताल का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। यह पूरा मामला एक 15 वर्षीय आदिवासी किशोरी से जुड़ा है, जो लगभग 5 से 6 माह की गर्भवती थी और अस्पताल में उसका बिना किसी वैधानिक अनुमति के अवैध रूप से गर्भपात कराया गया था।

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मामला छिपाने पर अस्पताल प्रबंधन पर फूटा गुस्सा

नियमों के मुताबिक ऐसे संवेदनशील और नाबालिग से जुड़े मामलों में पुलिस तथा बाल कल्याण समिति को तुरंत सूचना देना अनिवार्य होता है। परंतु मैस्कॉट हॉस्पिटल प्रबंधन ने इस पूरे मामले को पूरी तरह से छिपाने का प्रयास किया और किसी भी प्रशासनिक एजेंसी या पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगने दी।

जांच समिति की रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई

कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम पन्ना की अध्यक्षता में एक संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया था, जिसमें सिविल सर्जन और स्त्री रोग विशेषज्ञ भी शामिल थे। समिति द्वारा की गई जांच में इस गंभीर लापरवाही का खुलासा हुआ। प्रबंधन से जब इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया, तो उनका जवाब पूरी तरह से असंतोषजनक पाया गया।

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इसके बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी ने ‘मध्य प्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं अधिनियम 1973’ के तहत यह कड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर दिया। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी अस्पताल में मरीजों का इलाज जारी रखा गया, तो इसे एक से दो दिनों के भीतर पूरी तरह सील कर दिया जाएगा। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कानूनी और आपराधिक विवेचना कर रही है ताकि ऐसे गैरकानूनी कृत्यों पर लगाम लगाई जा सके।

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