पटना। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने महिला आरक्षण और राजनीति में महिलाओं की स्थिति को लेकर एक अत्यंत आपत्तिजनक और विवादित बयान दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर राजनीतिक व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि देश में महिलाओं की सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है और यौन शोषण के मामलों में नेताओं की संलिप्तता जगजाहिर है। यादव ने यहां तक कह दिया कि 90% महिलाओं का राजनीतिक करियर नेताओं के बेड (बिस्तर) से शुरू होता है। उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है।

​असम के मुख्यमंत्री पर तीखा हमला

​पप्पू यादव ने केवल महिला आरक्षण पर ही नहीं, बल्कि असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा पर भी मर्यादाहीन टिप्पणी की। उन्होंने मुख्यमंत्री की तुलना चिंपांजी और कुत्ते से करते हुए उन्हें ‘चरित्रहीन’ और ‘बाचल’ (वाचाल) तक कह डाला। यादव ने कटाक्ष किया कि सड़क पर भौंकने वाले कुत्तों की तरह कुछ लोग बड़े नेताओं पर चिल्लाते हैं, जबकि बड़े नेता हाथी की चाल चलते रहते हैं। उन्होंने हिमंता बिस्व सरमा को ‘मानव नहीं, बल्कि वनमानुष’ की संज्ञा दी।

​महिला आरक्षण पर घेरा

​केंद्र सरकार द्वारा लाए गए महिला आरक्षण बिल पर सवाल उठाते हुए पप्पू यादव ने कहा कि बिना विशेषज्ञों की राय और राज्यों से परामर्श के इसे जल्दबाजी में लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 और 2019 में पूर्ण बहुमत होने के बावजूद भाजपा ने इसे नहीं लाया, लेकिन अब राजनीतिक लाभ के लिए इसका इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओबीसी, ईबीसी, एससी-एसटी और अल्पसंख्यक कोटा सुनिश्चित किए बिना और जातिगत जनगणना कराए बिना इस आरक्षण का कोई औचित्य नहीं है।

​बीजेपी के आंतरिक समीकरणों और योगी पर निशाना

​सांसद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुराने मामलों का जिक्र करते हुए भाजपा पर दोहरे मापदंड का आरोप लगाया। साथ ही, बिहार के संदर्भ में उन्होंने दावा किया कि सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री (उपमुख्यमंत्री) बनाए जाने के बावजूद पार्टी में वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कहा कि सम्राट चौधरी के लिए कोई बड़ा जश्न न होना यह दर्शाता है कि भाजपा के भीतर उन्हें पूरी तरह स्वीकार नहीं किया गया है।

​विवादों से पुराना नाता: पप्पू यादव के अन्य चर्चित बयान

​पप्पू यादव अपने बेबाक और कई बार अमर्यादित बयानों के लिए जाने जाते हैं। इससे पहले भी उन्होंने कहा था कि:

  • ​संसद में सबसे ज्यादा पोर्न देखने की आदत नेताओं को होती है।
  • ​बेरोजगारी पेंशन के बजाय ‘सेक्स पेंशन’ शुरू होनी चाहिए।
  • ​धीरेंद्र शास्त्री (बागेश्वर धाम) को उन्होंने ‘चोर-उचक्का’ कहा था।
  • ​गिरिराज सिंह पर हमला करते हुए उन्हें ‘सुअर सिंह’ तक कह डाला था।