पटना। पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने एक बार फिर अपने तेवरों से बिहार की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। रविवार को सोशल मीडिया पर लाइव आकर उन्होंने न केवल अपनी ही समर्थित पार्टी कांग्रेस को आईना दिखाया, बल्कि समूचे विपक्ष की कार्यशैली पर कड़े सवाल खड़े किए। प्रियंका गांधी का नाम लेते हुए उन्होंने अपनी उपेक्षा का दर्द भी साझा किया।

​’दो साल से मांग रहा हूं जिम्मेदारी, पर मिल रही सिर्फ अनदेखी’

​पप्पू यादव ने सीधे तौर पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि वे पिछले दो वर्षों से बिहार में कांग्रेस को मजबूत करने के लिए मेहनत कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक कोई ठोस जिम्मेदारी नहीं दी गई है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा, “मैं बिहार में कांग्रेस समर्थित हूं, लेकिन निर्णय लेने की प्रक्रिया में मेरी कोई भूमिका नहीं है। सबको सिर्फ कुर्सी चाहिए, काम कोई नहीं करना चाहता।”

​विपक्ष को बताया ‘निष्क्रिय’, जनता के मुद्दों पर घेरा

​सांसद ने विपक्षी दलों की भूमिका पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें ‘सोशल मीडिया का शेर’ करार दिया। उन्होंने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि बिहार में जनता त्रस्त है, लेकिन विपक्ष सड़कों पर उतरने के बजाय सिर्फ डिजिटल राजनीति कर रहा है। उन्होंने नीट (NEET) छात्र की आत्महत्या, मासूम से दुष्कर्म और चक्रवात जैसी आपदाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन बड़े मुद्दों पर भी विपक्ष खामोश रहा और सरकार को घेरने में नाकाम रहा।

​अनंत सिंह मामले और कानून व्यवस्था पर राय

​गोपालगंज में जेडीयू विधायक अनंत सिंह पर हुई एफआईआर को लेकर पप्पू यादव ने वहां के एसपी की तारीफ की, लेकिन साथ ही एक तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि कानून की मर्यादा का पालन होना चाहिए, पर बिहार में हथियार लहराना और मेलों में राइफल लेकर घूमना आम बात हो गई है। उन्होंने विवाद को नया मोड़ देते हुए कहा, “अगर जेल भेजना ही है, तो सबसे पहले उन कलाकारों (पवन सिंह और निरहुआ) को भेजिए जिनके कार्यक्रमों में मर्यादाएं तार-तार होती हैं।”

​मीडिया और बंगाल की राजनीति पर कटाक्ष

​पप्पू यादव ने मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चैनलों पर शपथ ग्रहण समारोहों को ऐसे दिखाया जाता है जैसे हमने कोई युद्ध जीत लिया हो, जबकि जमीनी हकीकत और असली मुद्दे गायब हैं। पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए उन्होंने वहां के राजनीतिक भ्रष्टाचार और संदिग्ध मौतों पर भी सवाल खड़े किए।
​अंत में, बेहद भावुक और हताश नजर आ रहे पप्पू यादव ने कहा, “जनता चोर-लुटेरों को समर्थन देती है और हम जैसे लोग खत्म हो रहे हैं। भले ही हम खत्म हो जाएं, लेकिन कम से कम बिहार को तो बचा लीजिए।”