पटियाला/तरनतारन। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर पटियाला के शंभू के पास हुए धमाके में मारे गए संदिग्ध की पहचान तरनतारन के गांव पंजवड़ निवासी जगरूप सिंह के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से जगरूप सिंह की पृष्ठभूमि और उसकी संदिग्ध गतिविधियों को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाला व्यक्ति इस खौफनाक साजिश तक कैसे पहुंचा।
जगरूप सिंह के बारे में जो जानकारी सामने आई है, वह हैरान करने वाली है: जगरूप के परिवार और गांव वालों के अनुसार, उसने करीब 10-15 साल पहले अमृत छका था और बाद में निहंग दल के साथ जुड़ गया था। पिछले 6-7 महीनों से वह दल पंथ के साथ रह रहा था और घोड़ों की सेवा करता था। जगरूप शादीशुदा था और उसकी दो बेटियां हैं। उसके पिता का निधन हो चुका है।
परिवार में उसकी मां, छोटा भाई सतनाम सिंह (जो आटा चक्की पर काम कर घर चलाता है) और दो विवाहित बहनें हैं। गांव के लोगों का कहना है कि जगरूप का व्यवहार सामान्य था, लेकिन वह घर पर कम ही रहता था। वह अक्सर 10-15 दिन बाद घर आता था और एक-दो रात रुककर चला जाता था।
परिवार का दावा: हमें किसी साजिश की जानकारी नहीं
जगरूप के परिवार के लिए यह खबर किसी वज्रपात से कम नहीं है। जगरूप की मां का कहना है कि उन्हें उसके किसी गलत काम या आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की कोई जानकारी नहीं थी। जगरूप के चाचा बलकार सिंह ने मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। इस घटना के बाद पुलिस ने जगरूप के छोटे भाई सतनाम सिंह को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है, जिससे परिवार और भी सदमे में है।
पुलिस की जांच: साजिश करते समय हुआ हादसा
स्पेशल डीजीपी (रेलवे) शशि प्रभा द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच में यह लगभग तय है कि जगरूप सिंह ही वह व्यक्ति था जो रेलवे ट्रैक पर बम लगाने की कोशिश कर रहा था और इस दौरान हुई गलती के कारण धमाका हो गया, जिसमें उसकी जान चली गई।

पुलिस के हाथ लगे अहम सबूत
जांच में सामने आया है कि जगरूप ने अपना मोटरसाइकिल अमृतसर में पार्क किया था, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। घटनास्थल से मिली एक ट्रेन टिकट से पता चलता है कि वह सरहिंद से वहां पहुंचा था। मौके से उसका मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद हुआ है। पुलिस अब इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि क्या जगरूप अकेला था या उसके पीछे किसी बड़े आतंकी नेटवर्क का हाथ है। पुलिस ने इसे बेहद गंभीरता से लिया है और जल्द ही इस मामले के सभी पहलुओं का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।
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