कुंदन कुमार, पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का मतदान भले ही समाप्त हो चुका है, लेकिन राज्य में राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर पूरी तरह जारी है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर और तेजस्वी यादव पर तीखा राजनीतिक निशाना साधा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ये तमाम नेता कभी भी जनता का विश्वास और भरोसा नहीं जीत सकते हैं, क्योंकि सूबे की जागरूक जनता ने इन्हें पूरी तरह से नकार दिया है। भाजपा प्रवक्ता ने पूर्ण विश्वास जताते हुए दावा किया कि इस बार बांकीपुर में पार्टी अभूतपूर्व और ऐतिहासिक बहुमत के साथ प्रचंड जीत दर्ज करने जा रही है।
कांग्रेस की वैचारिक नीतियों पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजय आलोक ने कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने याद दिलाया कि किस तरह कांग्रेस ने साल 2012 में कम्युनिस्टों को मात देने के लिए पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का खुलकर साथ दिया था। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा को दिल्ली की सत्ता से दूर रखने और हराने के उद्देश्य से उन्होंने अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया था।
राजद और जनसुराज की कथित सांठगांठ का दावा
मतदान के दिन की गतिविधियों पर चर्चा करते हुए भाजपा प्रवक्ता ने गंभीर आरोप लगाया कि कल हुए मतदान के दौरान राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ता खुलेआम जनसुराज के पक्ष में वोट डालने की अपील कर रहे थे। प्रशांत किशोर को एक प्रखर और शातिर रणनीतिकार बताते हुए उन्होंने कटाक्ष किया कि पूरे चुनावी अभियान के दौरान उन्होंने एक बार भी तेजस्वी यादव का नाम तक नहीं लिया।
अजय आलोक ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि जनसुराज और राजद अंदरखाने पूरी तरह एक होकर बांकीपुर का यह उपचुनाव लड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि साल 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रशांत किशोर मंचों से घूम-घूम कर तेजस्वी यादव को लगातार कोसते नजर आते थे, लेकिन इस उपचुनाव में दोनों दल गुप्त रूप से पूरी तरह एक हो चुके थे।
मतदान समाप्त होते ही सर्वे पर तंज
चुनाव परिणामों के आकलन पर तंज कसते हुए भाजपा नेता ने कहा कि जैसे ही शाम के ठीक छह बजे मतदान प्रक्रिया समाप्त हुई, उसके ठीक दो मिनट बाद यानी 6:02 से ही इन दलों के सर्वे रिपोर्ट आने शुरू हो गए, जो इनकी हताशा और पूर्व नियोजित एजेंडे को उजागर करता है।
अजय आलोक की तीखी नसीहत और नौटंकी का आरोप
प्रशांत किशोर पर व्यक्तिगत और राजनीतिक हमला बोलते हुए अजय आलोक ने उन्हें नसीहत दी कि अगला चुनाव नगर निकाय और मुखिया का होने वाला है, इसलिए उन्हें वहां जाकर मुखिया पद का चुनाव लड़ना चाहिए। प्रशांत किशोर को बहुत बड़ा नौटंकीबाज करार देते हुए उन्होंने कहा कि मतदान से ठीक एक दिन पहले वे थाने में जाकर सिर्फ और सिर्फ मीडिया की सुर्खियां और माइलेज बटोरने की कोशिश कर रहे थे। भाजपा ने इस पूरे मामले की औपचारिक शिकायत चुनाव आयोग से की है और सवाल उठाया है कि आखिर अनुमति के विपरीत एक गाड़ी के बजाय पूरा काफिला लेकर चलने की अनुमति उन्हें कैसे दी गई।


