कुंदन कुमार/पटना। राजधानी पटना के हृदय स्थल पर स्थित बहुमंजिला बिस्कोमान भवन आज उस समय अफरा-तफरी का केंद्र बन गया जब इसकी 13वीं मंजिल पर भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से ही भवन से धुआं निकलता देखा जा सकता था। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया।
बिस्कोमान मे लगे आग की घटना पर अग्निशमन विभाग के सीनियर कमांडेंट रितेश पांडे कहा 3:45 मिनट मे आग लगने की सूचना मिली और 45 मिनट मे आग पर काबू पा लिया गया। कमरे मे आग लगी थी। पांच हाईड्रोलिक गाड़ियां भी मौके पर पहुंची थी कोई हताहत नही है।

​सजगता से टला बड़ा हादसा

​मिली जानकारी के अनुसार सुबह के समय भवन के गार्ड ने 13वीं मंजिल से धुआं निकलता देखा। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए उसने तुरंत फायर कंट्रोल रूम को सूचित किया। कंकड़बाग अग्निशमन पदाधिकारी अजीत कुमार ने बताया कि हाई-राइज बिल्डिंग होने के कारण आग बुझाने में शुरुआती चुनौतियों का सामना करना पड़ा। हालांकि पूर्व में की गई मॉक-ड्रिल का लाभ यहां मिला जिससे बचाव दल को भवन के लेआउट और सुरक्षा मानकों को समझने में आसानी हुई।

​हाइड्रोलिक क्रेन की ली गई मदद

​बिल्डिंग की अत्यधिक ऊंचाई के कारण सामान्य दमकल की गाड़ियां आग तक नहीं पहुंच पा रही थीं जिसके बाद राहत कार्य के लिए हाइड्रोलिक लिफ्ट क्रेन बुलाई गई। इस क्रेन की सहायता से अग्निशमन कर्मी सीधे 13वीं मंजिल की खिड़कियों तक पहुंचे और आग को नियंत्रित करना शुरू किया। मौके पर लगभग 15 से 16 दमकल की गाड़ियां आग बुझाने के अभियान में जुटी रहीं।

​बेल्ट्रॉन कार्यालय हुआ राख

​इस अग्निकांड में सबसे अधिक नुकसान बेल्ट्रॉन के कार्यालय को हुआ है। आग की भीषणता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कमरे की फॉल्स सीलिंग जलकर पूरी तरह खाक हो गई। कार्यालय में मौजूद महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज, महंगे कंप्यूटर, फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य कीमती सामान जलकर राख हो गए हैं। सुरक्षा ऑडिट के बाद ही नुकसान के सटीक आंकलन का पता चल पाएगा।

​जांच के आदेश

​आग लगने के कारणों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है लेकिन प्रथम दृष्टया शॉर्ट सर्किट को इसका मुख्य कारण माना जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग इसकी विस्तृत जांच कर रहे हैं। फिलहाल आग पर काबू पा लिया गया है और स्थिति नियंत्रण में है। किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है लेकिन इस घटना ने व्यावसायिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा की आवश्यकता पर फिर से बल दिया है।