पटना। शहर के कोचिंग हब में बीते दिनों हुई हिंसा और तोड़फोड़ का मामला अब एक नया मोड़ ले चुका है। 2 जून की रात खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने उनके दोनों गार्ड्स को गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी एक वायरल वीडियो के सामने आने के बाद हुई है, जिसमें गार्ड्स फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो से खुला ‘फायरिंग’ का राज
ज्ञान बिंदु कोचिंग की ओर से गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नया सीसीटीवी फुटेज जारी किया गया। वीडियो में दावा किया गया है कि कोचिंग परिसर में विवाद के दौरान फायरिंग खान सर के गार्डों द्वारा की गई थी। ज्ञान बिंदु टीम के आदर्श कुमार ने आरोप लगाया कि यह पूरी घटना पहले से सुनियोजित थी और गार्ड्स ने खान सर के निर्देश पर ही गोली चलाई। इस खुलासे के बाद पुलिस सक्रिय हुई और खान सर के सेंटर पहुंचकर फायरिंग करने वाले दोनों गार्ड्स को हिरासत में ले लिया। कदमकुआं थाने में तीन घंटे की कड़ी पूछताछ के बाद दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उनके हथियार भी जब्त कर लिए हैं।
खान सर की भूमिका पर सवाल
ज्ञान बिंदु कोचिंग के डायरेक्टर रौशन आनंद की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए विरोधी पक्ष ने कहा है कि जब फुटेज में वे कहीं नजर नहीं आ रहे, तो उनकी गिरफ्तारी क्यों हुई? साथ ही, अब खान सर से भी इस पूरे घटनाक्रम और उनके गार्ड्स के दावों को लेकर पूछताछ की जा रही है।
हमले की पृष्ठभूमि और खान सर का रुख
2 जून की रात 10 बजे खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमला हुआ था। आरोप था कि कुछ लोगों ने गार्ड की पिटाई की, पत्थरबाजी की और पोस्टर फाड़े। घटना के तुरंत बाद खान सर ने 8 से 10 राउंड फायरिंग का दावा किया था, लेकिन बाद में वे अपने बयान से पलट गए। दिलचस्प बात यह है कि खान सर द्वारा दर्ज कराई गई FIR में भी फायरिंग का कोई उल्लेख नहीं था, जबकि पटना पुलिस ने भी शुरुआती जांच में फायरिंग की बात को सिरे से खारिज कर दिया था।
इस मामले ने अब एक कानूनी और विवादित स्वरूप ले लिया है। एक ओर जहां खान सर ने ज्ञान बिंदु कोचिंग पर हमला करवाने का आरोप लगाया था वहीं अब खुद खान सर के गार्डों का फायरिंग करना और उनका कबूलनामा मामले की दिशा बदलने के लिए पर्याप्त है। पुलिस अब दोनों पक्षों के दावों की गहन जांच कर रही है।

