पटना में 1,799 पदों वाली दरोगा भर्ती की मुख्य (मेंस) परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में गुरुवार को अभ्यर्थी सड़कों पर उतरकर बड़ा प्रदर्शन करने जा रहे हैं। इस भर्ती परीक्षा में सफल हुए 10,789 अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान से मुख्यमंत्री आवास (लोक सेवक आवास) तक मार्च करने का खुला ऐलान किया है।
तय रूट और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रदर्शन की शुरुआत आज सुबह 11 बजे गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से होगी। इसके बाद सभी अभ्यर्थी जेपी गोलंबर, डाकबंगला चौराहा, तारामंडल, इनकम टैक्स गोलंबर और बिहार म्यूजियम से गुजरते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ेंगे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर पिछले एक महीने से गर्दनीबाग धरना स्थल पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन प्रशासन या सरकार की तरफ से अब तक उनकी सुध नहीं ली गई है।
छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए पटना पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े और पुख्ता इंतजाम किए हैं। प्रदर्शन वाले पूरे रूट पर जगह-जगह भारी बैरिकेडिंग की गई है और बड़ी संख्या में पुलिस बलों को तैनात किया गया है। इसके अलावा, किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए वाटर कैनन और राइट कंट्रोल व्हीकल (दंगा नियंत्रण वाहन) भी पूरी तरह तैयार रखे गए हैं।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
- नोटिस वापसी: 1799 पदों की दरोगा भर्ती की मेंस परीक्षा को रद्द करने वाले आधिकारिक नोटिस को तुरंत वापस लिया जाए।
- फिजिकल की तारीख: मेंस परीक्षा में सफल हो चुके 10,789 अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता (फिजिकल) परीक्षा की तारीख तत्काल जारी की जाए।
- कारण स्पष्ट हो: परीक्षा रद्द करने के पीछे प्रशासन द्वारा बताए गए ‘अपरिहार्य कारणों’ को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए।
- जांच की जानकारी: परीक्षा रद्द करने से पहले की गई जांच और उसके ठोस आधार की पूरी जानकारी अभ्यर्थियों को दी जाए।
- फैसले पर पुनर्विचार: बिना किसी स्पष्ट जांच और ठोस सबूत के पूरी परीक्षा रद्द करने के तुगलकी फैसले पर सरकार पुनर्विचार करे।
- समय-सीमा तय हो: अभ्यर्थियों को पूरी भर्ती प्रक्रिया की आगामी स्थिति और समय-सीमा स्पष्ट रूप से बताई जाए।
5 अक्टूबर के लाठीचार्ज की यादें ताजा
गौरतलब है कि इसी मांग को लेकर बीते 5 अक्टूबर को भी पटना में अभ्यर्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया था। उस दौरान छात्रों के हाथों में अनोखे और तंज कसने वाले पोस्टर थे, जिन पर लिखा था एक सुट्टा, दो चाय, BPSSC हाय-हाय और 2 कचौड़ी, एक समोसा, BPSSC का क्या भरोसा।
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग की थी और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज भी करना पड़ा था। अचानक परीक्षा रद्द होने से पिछले कई महीनों से फिजिकल की तैयारी कर रहे युवाओं के भविष्य पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

