पटना। शहर में मानसून के मौसम के साथ ही डेंगू का खतरा तेजी से मंडराने लगा है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए राजधानी के 18 प्रमुख इलाकों को डेंगू के लिहाज से संवेदनशील यानी हॉटस्पॉट घोषित किया गया है। इसके साथ ही बचाव के मोर्चे पर एक बड़ा कदम उठाते हुए पहली बार पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में जापान से मंगाई गई डेंगू वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि लोगों को इस गंभीर बीमारी से सुरक्षा कवच मिल सके।

​PMCH में बनेगा विशेष टीकाकरण केंद्र, दो डोज में लगेगी वैक्सीन

​डेंगू के प्रकोप से निपटने के लिए PMCH परिसर में एक विशेष टीकाकरण केंद्र स्थापित किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने इसकी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। लोगों को इस वैक्सीन के प्रति जागरूक करने के लिए अस्पताल परिसर में बैनर, पोस्टर और अन्य प्रचार सामग्री भी लगाई जा रही है।

​PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह के अनुसार, पिछले सात-आठ वर्षों से शहर में डेंगू के मामलों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। इसी चुनौती से पार पाने के लिए न सिर्फ वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही है, बल्कि अस्पताल में इलाज के पुख्ता इंतजाम भी किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यह वैक्सीन 4 से 60 वर्ष की आयु के लोगों को दी जाएगी।

  • ​डोज की प्रक्रिया: इस आयु वर्ग के लोगों को 0.5 एमएल की पहली (प्राइमरी) डोज दी जाएगी। इसके बाद निर्धारित समयांतराल पर दूसरी यानी बूस्टर डोज लगाई जाएगी।
  • ​पूर्ण सुरक्षा: दोनों डोज का चक्र पूरा होने के बाद ही टीकाकरण प्रक्रिया को पूरी तरह सफल माना जाएगा।

​पटना के 18 इलाके घोषित किए गए डेंगू हॉटस्पॉट

​स्वास्थ्य विभाग और सिविल सर्जन कार्यालय ने पिछले आंकड़ों और भौगोलिक स्थितियों के आधार पर पटना जिले के 18 क्षेत्रों को अत्यधिक संवेदनशील माना है। इन हॉटस्पॉट इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।

​संवेदनशील क्षेत्र: इन इलाकों में बाजार समिति, पाटलिपुत्र, कंकड़बाग, गर्दनीबाग, राजीव नगर, शास्त्रीनगर, PMCH के आसपास का क्षेत्र, चमारीचक (दानापुर), फुलवारीशरीफ, इंद्रपुरी, कुम्हरार, जक्कनपुर, भागवत नगर, भीखनापहाड़ी, आलमगंज, बांकीपुर, मैनपुरा, महेंद्रू और ट्रांसपोर्ट नगर शामिल हैं।

​विशेषज्ञों का अनुमान है कि बारिश का यह दौर थमने के बाद अगस्त के दूसरे सप्ताह से डेंगू के मरीजों की संख्या में भारी उछाल आ सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए अभी से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।

​फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव पर विशेष जोर

​हॉटस्पॉट घोषित किए गए इन सभी 18 इलाकों में मच्छरों के खात्मे के लिए युद्ध स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। सिविल सर्जन कार्यालय और पटना नगर निगम के बीच आपसी तालमेल से कई स्तरों पर काम हो रहा है:

  • ​दिन में तीन बार फॉगिंग: इन सभी संवेदनशील मोहल्लों में प्रतिदिन तीन बार फॉगिंग कराई जाएगी, ताकि वयस्क मच्छरों को नष्ट किया जा सके।
  • ​एंटी-लार्वा स्प्रे: पानी के ठहराव वाले स्थानों और नालियों में मच्छरों के लार्वा को पनपने से रोकने के लिए नियमित रूप से एंटी-लार्वा दवाओं का छिड़काव किया जाएगा।

​मरीज मिलते ही एक्शन में आएगी स्वास्थ्य विभाग की टीम

​प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जैसे ही किसी क्षेत्र में डेंगू का नया मरीज मिलेगा, तुरंत वहां स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम भेजी जाएगी। यह टीम उस इलाके के आसपास के घरों का सर्वे करेगी और तुरंत एंटी-लार्वा का छिड़काव सुनिश्चित करेगी।
​इसके अलावा, संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जन-जाग जागरूकता अभियान को भी धार दी जा रही है। ई-रिक्शा और ऑटो के माध्यम से शहर की गलियों में माइकिंग की जाएगी, ताकि लोग अपने घरों में कूलर, गमलों या अन्य बर्तनों में पानी जमा न होने दें और साफ-सफाई के प्रति पूरी तरह सतर्क रहें।