पटना। बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में राज्य के सबसे बड़े रामलीला महोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। श्री दशहरा कमिटी ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित आयोजन का उद्घाटन बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने किया। इस दौरान बिहार के राम जिंदाबाद और बिहार के लोकनाथ जिंदाबाद’ के गगनभेदी नारों के बीच पूरा गांधी मैदान भक्तिमय नजर आया।

​दिल्ली के कलाकार और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम

​इस वर्ष महोत्सव में कई नए और आकर्षक बदलाव किए गए हैं। पटना में पहली बार दिल्ली के प्रसिद्ध सांस्कृतिक कला संगम के कलाकार रामलीला का सजीव मंचन कर रहे हैं। आयोजकों के अनुसार, मंचन को और अधिक भव्य और प्रभावी बनाने के लिए बैकग्राउंड में बड़ी एलईडी स्क्रीन और स्पेशल इफेक्ट्स का उपयोग किया जा रहा है, जिससे दृश्य बेहद जीवंत प्रतीत हो रहे हैं।

​कार्यक्रम और मंचन का विस्तृत शेड्यूल

​ट्रस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकेश नंदन ने बताया कि कार्यक्रम की रूपरेखा इस प्रकार तय की गई है:

  • ​11 से 14 अक्टूबर: इन चार दिनों तक प्रतिदिन शाम 4 बजे से रामलीला का मंचन किया जाएगा। इसके बाद शाम 6 बजे से देश के जाने-माने कलाकारों द्वारा गीत, संगीत, नृत्य और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
  • ​15 से 19 अक्टूबर: इस अवधि के दौरान प्रतिदिन शाम 6 बजे से मुख्य रामलीला का मंचन होगा।
  • ​21 अक्टूबर: महोत्सव का समापन और मुख्य आकर्षण ‘भरत मिलाप’ का भव्य आयोजन किया जाएगा।

71 वर्षों की गौरवशाली परंपरा

​यह आयोजन वर्ष 1955 से चली आ रही परंपरा का 71वां वर्ष है, जिसे इस बार बेहद भव्य रूप दिया गया है। मुख्य पंडाल के समीप ही शिशिर कुमार और डॉ. अजय प्रकाश के संयोजन में मां पटन देवी के विग्रह को स्थापित किया गया है, जिससे श्रद्धालु रामलीला के साथ-साथ मां के दर्शन और पूजन का पुण्य भी प्राप्त कर सकें।
​ट्रस्ट के अध्यक्ष अरुण कुमार, महासचिव प्रिंस कुमार राजू और कोषाध्यक्ष डॉ. धनंजय कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति, परंपरा और भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। आयोजकों ने अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बनने की अपील की है।