पटना। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने दिल्ली में हुए हालिया प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की भारी तैनाती और पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र पर सीधा हमला करार दिया है। आइए इस पूरे घटनाक्रम और उनके बयानों को विस्तार से समझते हैं।
Gen-Z पर कार्रवाई
पप्पू यादव ने दावा किया कि दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए लगभग एक लाख सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के अन्य संवेदनशील हिस्सों की सुरक्षा से हटाकर अर्धसैनिक बलों को दिल्ली बुलाया गया, जिसके कारण मणिपुर जैसे राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई। उन्होंने कहा कि एक विशेष व्यक्ति को बचाने के लिए देश के युवाओं यानी Gen-Z पर जुल्म ढाया जा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों का गला घोंटा जा रहा है।
राहुल और प्रियंका गांधी की जान को खतरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सांसद ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को मरवाने की गहरी साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान तीन मुख्यमंत्रियों पर हमले किए गए और प्रियंका गांधी के सामने भी उन पर हमला करने की कोशिश की गई। इसके अलावा, उन्होंने प्रदर्शन के दौरान महिलाओं और बेटियों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने के गंभीर आरोप भी लगाए। हालांकि, इन दावों की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है।
महंगाई, उद्योगपतियों और एलन मस्क पर निशाना
सांसद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रशासन के पास देश की बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करने का समय नहीं है, लेकिन प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए पूरी ताकत झोंक दी गई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देश की सत्ता पर कुछ बड़े उद्योगपतियों का प्रभाव है। इसके साथ ही उन्होंने एलन मस्क का जिक्र करते हुए दावा किया कि उन्होंने प्रधानमंत्री का अपमान किया है, लेकिन सरकार इस पर भी चुप है।
कंगना रनौत पर तंज और तीखे राजनीतिक तेवर
बिना नाम लिए अभिनेत्री व सांसद कंगना रनौत पर तंज कसते हुए पप्पू यादव ने कहा कि जंतर-मंतर जैसे प्रदर्शन स्थलों को ‘आवारा लोगों की जगह’ कहकर आंदोलनकारियों का अपमान किया जा रहा है। अपने बयानों के अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि जिस तरह के हालात देश में बन रहे हैं, उससे लगता है कि इन्हें एक दिन देश छोड़ना पड़ेगा।

