कुंदन कुमार, पटना। राजधानी के गर्दनीबाग धरना स्थल पर आज युवाओं और अभ्यर्थियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। सेकड़ों की संख्या में जुटे छात्रों ने शिक्षक नियुक्ति के चौथे चरण (TRE-4) और बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) द्वारा असिस्टेंट ग्रेड की नियुक्ति प्रक्रिया में हो रही बेलगाम देरी के खिलाफ एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि सरकार और आयोग की सुस्त कार्यशैली के कारण उनका भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। सालों से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।

​पेपर लीक और प्रशासनिक लापरवाही पर तीखा प्रहार

​धरना प्रदर्शन के दौरान छात्रों का समर्थन करने पहुंचे पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने राज्य सरकार और प्रशासनिक व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो राज्य की साख पर बड़ा सवालिया निशान लगाती हैं। परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं की जा रही हैं और यदि छात्र अपना भविष्य बचाने के लिए शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक अधिकार के तहत आंदोलन करते हैं, तो उन पर लाठीचार्ज किया जाता है, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और अलोकतांत्रिक है।

​सड़क से सदन तक संघर्ष की चेतावनी

​सांसद पप्पू यादव ने दो टूक शब्दों में सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि बिहार का छात्र आज बेहाल और निराश हो चुका है। सरकार को इन युवाओं की जायज मांगों को जल्द से जल्द स्वीकार करना चाहिए और पारदर्शी तरीके से समयबद्ध नियुक्तियां सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने छात्रों की मांगों पर जल्द सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो वे सिर्फ सदन तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि बिहार की सड़कों पर उतरकर छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर एक बड़ा आंदोलन और लंबी लड़ाई लड़ेंगे।