पटना। शहर के बाइपास थाना क्षेत्र के प्रदूषण रोड स्थित एक अवैध फैक्ट्री पर पुलिस और जिंदल कंपनी के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए छापा मारा। यह फैक्ट्री मशहूर जिंदल ब्रांड के नाम पर डुप्लीकेट करकट (रूफिंग शीट) बनाने का अवैध कारोबार कर रही थी। कंपनी के अधिकारियों के अनुसार, यह फर्जीवाड़ा पिछले करीब दो वर्षों से धड़ल्ले से चल रहा था, जिससे कंपनी को बाजार में लगभग 10 करोड़ रुपए का भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

​दो महीने की रेकी के बाद हुआ बड़ा खुलासा

​जिंदल कंपनी की मल्टी प्रोडक्ट और लीगल टीम को करीब दो महीने पहले पटना में उनके ब्रांड के नाम पर हो रहे इस अवैध निर्माण की भनक लगी थी। इसके बाद से ही कंपनी के अधिकारी लगातार इस इलाके की रेकी कर रहे थे। जब अवैध गतिविधियों की पूरी पुष्टि हो गई, तब कंपनी के चार सदस्यों ने पटना सिटी सदर अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय पहुंचकर मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति के लिए औपचारिक आग्रह किया।
​एसडीएम के निर्देश के बाद बाइपास थाना पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस बल और कंपनी के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम ने तुरंत प्रदूषण रोड स्थित उस फैक्ट्री पर धावा बोल दिया। छापेमारी के दौरान मौके से जिंदल ब्रांड के नाम पर तैयार किए जा रहे करकट के दो सेट सैंपल के रूप में जब्त किए गए। कंपनी के अधिकारियों ने साफ किया कि ये उत्पाद पूरी तरह से नकली हैं और केवल कंपनी के नाम व ब्रांड का दुरुपयोग करके बाजार में खपाए जा रहे थे।

​पुलिस ने दर्ज किया मामला

​इस सफल छापेमारी के दौरान जिंदल कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर मुस्तफा हुसैन, अधिकारी मजाज अहमद और मोहम्मद सादुल्लाह सहित कंपनी के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। कंपनी के फील्ड ऑफिसर अंजनी कुमार ने बताया कि जिंदल कंपनी का मुख्य कार्यालय पश्चिम बंगाल में स्थित है और इस तरह के अवैध कार्यों से न केवल कंपनी को वित्तीय नुकसान हो रहा है, बल्कि ग्राहकों के साथ भी बड़ा धोखा हो रहा है।
​बाइपास थाना प्रभारी ने इस पूरे मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कंपनी की ओर से एक लिखित शिकायत और आवेदन प्राप्त हो चुका है। आवेदन के आधार पर पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और गहराई से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब इस बात की भी बारीकी से जांच कर रही है कि यह नकली करकट किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जाता था और इस अवैध नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। कंपनी की तरफ से इस मामले में अब सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।