पटना। पटनावासियों के लिए खुशखबरी है। शहर की लाइफलाइन माने जाने वाले जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) को अब और भी आकर्षक और जन-सुविधाओं से युक्त बनाने की कवायद शुरू हो गई है। बिहार सरकार ने यहांं एक भव्य महिला हाट के निर्माण की योजना बनाई है जिसका उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है।

​आत्मनिर्भरता की नई मिसाल: महिला हाट

​इस प्रोजेक्ट का सबसे मुख्य आकर्षण यहां बनने वाला महिला हाट है। इस हाट की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां की सभी दुकानें विशेष रूप से महिलाओं के लिए आवंटित की जाएंगी। इसमें मुख्य रूप से जीविका दीदियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो अपने स्थानीय उत्पादों और हस्तकला को पर्यटकों के सामने प्रदर्शित कर सकेंगी। यह पहल ग्रामीण और शहरी महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

​6 किलोमीटर लंबा पेडेस्ट्रियन वॉक-वे और साइकिल ट्रैक

​गंगा किनारे की खूबसूरती को और करीब से निहारने के लिए यहां 6 किलोमीटर लंबा अत्याधुनिक पेडेस्ट्रियन वॉक-वे (पैदल पथ) तैयार किया जाएगा। यह वॉक-वे आकर्षक लाइटिंग और आरामदायक बैठने की व्यवस्था से सुसज्जित होगा जहां पर्यटक सुबह-शाम टहलते हुए गंगा आरती और नदी के भव्य नजारे का आनंद ले सकेंगे। इसके साथ ही, फिटनेस के शौकीनों के लिए एक समर्पित साइकिल ट्रैक भी विकसित किया जाएगा, जो पटना को एक ग्रीन और प्रोग्रेसिव सिटी के रूप में स्थापित करेगा।

​जाम से मिलेगी मुक्ति: 4000 कारों की पार्किंग

​जेपी गंगा पथ पर शाम के समय होने वाली भारी भीड़ और पार्किंग की समस्या को देखते हुए नई प्लानिंग में आधुनिक पार्किंग स्पेस को प्राथमिकता दी गई है। योजना के अनुसार यहां एक साथ 4,000 चार पहिया वाहन और 13,000 दो पहिया वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की जाएगी। इतनी बड़ी पार्किंग व्यवस्था बनने से जेपी गंगा पथ का पूरा इलाका व्यवस्थित होगा और लोगों को जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
​यह पूरी योजना पटना के पर्यटन मानचित्र को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए तैयार है। सरकार का प्रयास है कि जेपी गंगा पथ केवल एक सड़क न रहे, बल्कि एक ऐसा डेस्टिनेशन बने जहां संस्कृति, स्वास्थ्य और सुविधा का अद्भुत संगम देखने को मिले।