पटना। नगर निगम समेत पूरे बिहार के नगर निकायों के सफाईकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का आज आठवां दिन है। इस लंबी हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। पटना की मुख्य सड़कों और गलियों में कचरे के बड़े-बड़े ढेर लगे हुए हैं। बुधवार को हुई बारिश ने स्थिति को और अधिक बदतर बना दिया, जिससे गीला कचरा सड़कों पर फैल गया है। शहर के कोने-कोने में फैली दुर्गंध से आम नागरिकों का जीना मुहाल हो गया है और लोगों का हाल बेहाल है।
हड़ताल समाप्त कराने के लिए सरकार की सक्रिय पहल
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अब सरकार ने हड़ताल को समाप्त कराने के लिए अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं। आज सफाईकर्मी संघर्ष समिति के प्रतिनिधि नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा से मुलाकात करने वाले हैं। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी कीमत पर आज ही इस हड़ताल को समाप्त कराया जाए। साथ ही, आंदोलन के दौरान सफाईकर्मियों पर की गई सभी दंडात्मक कार्रवाइयों को भी वापस लेने का आदेश दिया गया है।
सशक्त स्थायी समिति की विशेष बैठक और निगम का रुख
हड़ताल के बीच पटना नगर निगम प्रशासन भी एक्शन मोड में है। बुधवार को मेयर सीता साहू की अध्यक्षता में निगम की सशक्त स्थायी समिति की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सफाईकर्मियों की तीन प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई और अंततः इन प्रस्तावों को राज्य सरकार के पास भेजने का निर्णय लिया गया।
निगम का स्पष्ट कहना है कि सफाईकर्मियों की इन मांगों को पूरा करना उनके अधिकार क्षेत्र से बाहर है, इसलिए अंतिम निर्णय के लिए इसे नगर विकास विभाग को भेजा जा रहा है। बैठक के दौरान मेयर सीता साहू ने यह भी दोहराया कि पटना नगर निगम हमेशा से सफाई कर्मियों के हितों और उनके कल्याण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध रहा है।
आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर 63.16 करोड़ का भारी जुर्माना
सफाई व्यवस्था में भारी लापरवाही बरतने और अनुबंध के अनुसार मैनपावर व वाहन उपलब्ध न कराने पर निगम प्रशासन ने आउटसोर्सिंग एजेंसियों पर शिकंजा कस दिया है। निगम ने इन एजेंसियों पर अब तक कुल 63.16 करोड़ रुपए का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है और उन्हें तीसरी बार कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।
निगम के आदेश के अनुसार, 3 और 4 अगस्त को भी एजेंसियों द्वारा आवश्यक संख्या में सफाईकर्मी और वाहन नहीं उपलब्ध कराए गए, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। इस गंभीर लापरवाही के कारण केवल इन दो दिनों में ही 18.59 करोड़ रुपए की अतिरिक्त पेनाल्टी लगाई गई है, जबकि शेष जुर्माना राशि पहले ही तय की जा चुकी थी।


